जज्बात में करो ना, कभी फैसला कोई, हथियार हारता है, कभी हौसला नहीं
( अखिलानंद यादव )
जज्बात में करो ना, कभी फैसला कोई …
हथियार हारता है, कभी हौसला नहीं…
कितना कठिन है जीवन में ,
जीने की चाह बचाना।
जब अपने पराए ठुकराए ,
ठोकर दे सारा जमाना ।।
मन का मीत गीत हो कोई,
रहो अकेला नहीं….
हथियार हारता है,
कभी हौसला नहीं…..
आत्मनिर्भर बनो जगत में,
आत्महत्या छोड़ो ।
जीवन है अनमोल तुम्हारा,
खुद से रिश्ता जोड़ो ।।
राही राह पकड़ के चल,
कोई मेला नही….
हथियार हारता है,
कभी हौसला नहीं…..
आसमान को आंख दिखा,
धरणी कदमों से नाप दे ।
तू दिखा रोशनी सूरज को,
खुद हिमालय को भाप दे।।
जिन दुखों ने तुझको पाला है,
तू अकेला नहीं…..
हथियार हारता है,
कभी हौसला नहीं…..
“आनंद” होकर मस्ती में,
कश्ती का सहारा छोड़ दे।
पांव पटक गहरे पानी में,
मौजो का किनारा छोड़ दें।।
तू.. संघर्षों का महल बना
कोई घोषला नहीं….
हथियार हारता है,
कभी हौसला नहीं…..
मो – 9450461087
