चर्चा में

कुछ अलग : होली पर किन्नरों से मिले युवा, दिया होली पर तोहफा

(आनन्द कुमार)
मऊ। जिनके बधाई के गीतों से हम अपने आंगन की खुशियों में रोशनी लाते हैं जिनके पांव में बंधे घुंघरू की आवाज से हम अपने घर में प्रेम का आगाज करते हैं। यह सभी रवायतें तो बदस्तूर सदियों से जारी है लेकिन वास्तव में ये लोग जो जीवन जीतें हैं वह सामाजिक व मानसिक रुप से काफी कठिन होता है। फिर भी समाज में हमारे और आपके बीच में ही प्रकृति के शिकार किन्नर समाज के लोग बेटा-बेटी होने व घर में मांगलिक अवसर पर आकर न सिर्फ बधाई गीत गाते हैं बल्कि पांव में घुंघरु व ढोलक की थाप पर नृत्य कर हमारे आपके आंगन में खुशियों की बरसात हो ऐसा दुआ करते हैं।
फिर भी समाज इन्हें तिरस्कार की नजर से देखता है, कोई इन्हें अपने बीच अपना मानना नहीं चाहता। जबकि चन्द पैसे के लिए वह जिससे उनकी आजिविका चल सके वे नाचते हैं, गाते हैं, हमारे आपके खुशियों के लिए। लेकिन तत्क्षण की खुशी में सरोबोर होकर वे एकांकी जीवन में अपनी खुशियां ढूढते हैं। लेकिन खुशियां उन्हें नहीं मिलती।
इन्हीं किन्नर समाज के बीच उनका दर्द बांटने, उनके लिए खुशी व उम्मीद की किरण बनने का काम किया है होली के शुभअवसर पर बीएचयू के छात्रनेता व मऊ जनपद के सामाजिक कार्यकर्ता यतीन्द्र पति पाण्डेय ने अपनी युवा टोली के साथ। होली के अवसर पर मऊ नगर में किन्नर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को समझा व उनसे बात की। बातचीत के दौरान किन्नर समाज मऊ की मुखिया हिना किन्नर ने कहा कि सरकार अभी तक किन्नर समाज के लिये कोई योजना नहीं बनाई है। हिना ने बड़े ही साफगोई से कहा कि वो इसलिये की किन्नर समाज का कोई ठोस वोट बैंक नहीं है। यतीन्द्र ने इनकी समस्याओं को सुना और इन्हें जल्द ही सरकारी मदद का भरोसा दिलाया।
श्री पाण्डेय ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां अलग-अलग जातियों के लिये योजना बनाकर उनके वोट बैंक को साधने में लगी है वहीं इन किन्नरों को समाज तो तिरस्कृत कर ही रहा है और सरकार भी सौतेला व्यवहार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
यतीन्द्र ने कहा कि केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि हर राज्य में किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन किया जाय ताकि इन्हें शिक्षा, रोजगार, आवास व सभी सरकारी योजनाओं का लाभ देकर इन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके। अंत में यतीन्द्र ने होली पर्व पर बनी खाद्य सामग्रियां, मिष्ठान व फल सप्रेम भेंट कर किन्नर समाज को दिया। बदले में किन्नर समाज ने उन्हें नेग रूपी सिक्का देकर ढेर सारा आशीर्वाद दिया।
बतातें चलें कि यतीन्द्र इससे पहले कई अनूठे कार्य को कर चुके हैं। ठण्ड के दिनों में ये आवारा कुत्तों के लिये जिले में कई स्थानों पर रोटी बैंक खोलकर उनके भोजन की ब्यवस्था की और गरीब लोगों पर भी ध्यान दिया, अमीरों से कम्बल मांग कर गरीबों में बांटा। अब ये अपना ध्यान किन्नरों की समस्याओं पर केंद्रित कर लिए हैं और जल्दी ही इनकी समस्याओं के समाधान के लिये जिलाधिकारी, मऊ को ज्ञापन सौपेंगे।
इस अवसर पर कई किन्नर उपस्थित रहे और यतीन्द्र के युवा साथी रजनीश सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, मंटू ओझा, अनूप शुक्ला, प्रवीण विश्वकर्मा समेत दर्जनों युवा उपस्थित रहे।

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