अन्तर्राष्ट्रीय मातेश्वरी धाम पर चल रहे नव दुर्गा महायज्ञ का समापन
दोहरीघाट। भक्तों व श्रद्धालुओं के हुजूम के बीच कस्बे के अन्तर्राष्ट्रीय मातेश्वरी धाम पर चल रहे नव दुर्गा महायज्ञ का समापन हवन प्रवचन व प्रसाद वितरण के साथ सम्पन्न हो गया वहीं हजारों की संख्या में सद्गुरू जी महाराज के शिष्य उनसे विदा होते हुए रो पड़े।
नवदुर्गा महायज्ञ के अन्तिम दिन जहाँ सद्गुरु के चरणस्पर्श करने की होड़ लगी रही वहीं भक्तों को सम्बोधित करते हुए सद्गुरु जी महाराज ने कहा कि यह नश्वर है यहाँ भौतिक सुखों के आगे लोग संस्कारों को लोग भुलते जा रहें हैं। मैंने आप लोगों को जो भी नौ दिनों में प्रवचन के माध्यम से दिया उसे आत्मसात कर लेना। कभी किसी का अनादर मत करना सदा सत्य बोलना माता पिता की सेवाओं में कोई कमी मत रखना क्योंकि जब माँ का दिल टुटता है तो बेटा कभी सुखी नहीं रहता बेटियों का सम्मान करना घर की लक्ष्मी का अनादर मत करना ।यह कहकर सद्गुरु जी भावुक हो गया तथा कहा कि आज इतना बड़ा परिवार हमसे एक एक कर दुर हो जायेगा जगतनियंता माता सबका कल्याण करें। जाने अनजाने में जो भी मुझसे गलती हुई होगी आप मुझे छमा कर दिजीये। समापन के दिन विशाल भण्डारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं कलश का विसर्जन मातेश्वरी धाम के पास सरयू नदी में किया गया वही दुर दराज से आये भक्त भी एक एक कर धाम से विदा हुए मैहर से आये पुजारी ने अपने भजनों के माध्यम से समा बाँध दिया।

