रचनाकार

हिंदी का गौरव गाएँ

डॉ. निशा नंदिनी भारतीय…
तिनसुकिया, असम

हिंदी जग की शान,
भारत भू की जान।
जन-जन की पहचान,
हिंदी का अभिमान।
मधुर सरल स्वर वाली
माँ की वाणी न्यारी।
संस्कृति की रखवाली,
हिंदी सबसे प्यारी।

ज्ञान-सुमन खिलाए,
मन को राह दिखाए।
विश्व प्रकाश फैलाए,
हिंदी दीप जलाए।
सत्य सदा सिखलाती,
प्रीति सदा बढ़ाती।
जन-जन को अपनाती,
हिंदी मन हरषाती।

आधार एकता का
प्रगति का उपहार।
भारत की संतति यह
हिंदी सदा उद्धार।
मंगल मंगल गाए,
विश्व शांति फैलाए।
भारत भू महकाए,
हिंदी गौरव लाए।

हिंदी हमारी शान है,
जन-जन का अभिमान।
माटी की यह वाणी है,
भारत का सम्मान।
ज्ञान-भक्ति का संगम है,
संस्कृति का सार।
हिंदी में ही बसी हुई,
राष्ट्र-धरा की धार।

 

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