युगपुरुष स्वामी सहजानंद सरस्वती की 133 वीं जयंती मनाई गई

मऊ। ‘युगपुरुष स्वामी सहजानंद सरस्वती केवल अग्रणी स्वाधीनता सेनानी ही नहीं थे बल्कि वे लाखों दलित शोषित किसान जनमानस के महान जननायक भी थे। देश की आजादी के लिए उनके द्वारा किए गए अतुलनीय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उक्त बातें मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी सहजानंद जन मंच के अध्यक्ष समीर राय ने महान स्वाधीनता सेनानी और अखिल भारतीय किसान सभा के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती की 133 वीं जयंती के अवसर अस्तूपुरा में कहीं। इसी क्रम में उन्होंने आगे कहा कि महान किसान संगठनकर्ता और प्रतिबद्ध राष्ट्रवादी के रूप में वे आज भी राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व के लिए प्रेरणादाई है। विशिष्ट वक्ता के रूप में जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राम जी उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने जीवनभर के लिए सन्यास ग्रहण किया था किंतु उनकी अंतरात्मा देश के किसानों और मजदूरों की अमानवीय स्थिति देखकर विदीर्ण हो उठी। वह वास्तव में किसान और मजदूरों के सच्चे मसीहा थे। जनमंच के उपाध्यक्ष श्री अभय राय एडवोकेट ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां स्वामी सहजानंद सरस्वती के विचारों से सदैव प्रेरणा लेती रहेगी। इस जयंती समारोह को रमेश दुबे, माखनलाल प्रजापति, मनीष भारती, मनीष यादव, सुधीर राय, प्रदीप राय, सफीउल्लाह, शब्बीर अंसारी, अतुल राय इत्यादि ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान कमला राय और संचालन विद्यापति राय एडवोकेट ने किया।



