बागी बलिया : अरे वाह सिपाही जी बन गये एसडीएम साहब
(आनन्द कुमार)
बलिया। बागी बलिया का नाम जब कोई लेता है तो जेहन मे एक अलग ही तस्वीर बन जाती है। बागी बलिया जनपद के द्वाबा क्षेत्र का एक सिपाही, जब उप जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठेगा तो उसका रुतबा उसकी कार्यशैली जरूर कुछ अलग होगी। पीसीएस 2016 परीक्षा का परिणाम जब शुक्रवार को आया तो प्रयागराज पुलिस मुख्यालय में तैनात सिपाही श्याम बाबू को सहसा तो पहले विश्वास ही नहीं हुआ की यह क्या हो गया फिर जब थोड़ा सा वे रिलैक्स हुए तो उनकी खुशियों का ठिकाना ना रहा, कि यह तो उनके मेहनत का नतीजा है। जी हां परिणाम में सिपाही श्याम बाबू को उप जिलाधिकारी की नौकरी मिलेगी। इतना ही नहीं इन्होनें यूपी पीसीएस की परीक्षा में 52वाँ रैंक प्राप्त किया है।
यह समाचार सुनते ही परिजन, दोस्त, मित्र तथा साथ में नौकरी साथी सिपाहियों को खुशी का ठिकाना नहीं रहा । साथी सिपाहियों ने श्याम बाबू को खुशी से चूम लिया वर्तमान में पुलिस मुख्यालय प्रयागराज में नौकरी कर रहे श्याम बाबू मऊ जनपद से भी नाता रहा है। वे अपने अल्प समय के सिपाही के नौकरी के कार्यकाल में मऊ जनपद में भी पुलिस की वर्दी पहनकर अपने फर्ज को बखूबी निभाए हैं। वे मऊ जनपद के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गोपनीय विभाग में तैनात थे। श्याम बाबू बलिया जनपद के बैरिया तहसील के इब्राहिमाबाद गांव के निवासी हैं वे 2005 में ही सिपाही में भर्ती हो गये।
उनके पिता का नाम धर्मनाथ है वे गांव में ही किराना की दुकान चलाते हैं। माता किशोरी देवी गृहिणी हैं। पांच बहनें हैं सभी का विवाह हो गया है, बड़े भाई उमेश कुमार इनकम टैक्स में इंस्पेक्टर हैं। श्याम बाबू के मुताबिक, उन्होंने पीसीएस की तैयारी ग्रैजुएशन के बाद 2009-10 से शुरू कर दी थी लेकिन 2013 के बाद इसे लेकर गंभीर हुए। वर्ष 2001 में श्री सुदिष्ट बाबा इंटर कालेज रानीगंज से हाईस्कूल व 2003 में इंटर पास किया। उसके बाद इन्होंने पीजी कालेज सुदिष्टपुरी में बीए में दाखिला ले लिया। अभी बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा पास की तभी वर्ष 2005 में यूपी पुलिस में भर्ती हो गये। सिपाही की नौकरी करते हुए ही प्राइवेट से परीक्षा देकर 2008 में बीए फाइनल की डिग्री हासिल की। इस सफलता के बारे में श्याम बाबू ने कई अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मैंने शुरू में थाने में नौकरी की लेकिन बाद में ऑफिस में आ गया। ऑफिस में आने से इस बात की सहूलियत हो गई कि दिन के वक्त दफ्तर का काम खत्म करता था और रात में पढ़ाई हो जाती थी।
इंडिया टुडे से उन्होंने बात करते हुए अपने इस सफर के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि वो दिन में दफ्तर का काम करते थे और फिर रात में पढ़ाई किया करते थे. चूंकि कई बार दफ्तर का काम ज्यादा होता था फिर घर पर आकर पढ़ाई करने में दिक्कत होती थी. जिसके लिए वो कम सोते थे लेकिन पढ़ाई ज़रूर करते थे. उन्होंने ये भी बताया कि इसके लिए उन्होंने किसी तरह की कोई कोचिंग नहीं ली. बस खुद से पढ़ाई की. वो हमेशा कुछ न कुछ बेहतर करने की सोचा करते थे, लेकिन ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने पीसीएस के लिए गंभीरता से सोचना शुरू किया।
The lallan top के अभिषेक ने लिखा है कि…
14 साल तक साहबों को सैल्यूट मारते रहे, अब खुद साहब हो गए यूपी पुलिस के ये कॉन्स्टेबल
कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों. दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां आज यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल श्माम बाबू पर बिल्कुल फिट बैठती हैं. 14 साल यूपी पुलिस की नौकरी की, मेहनत की, फिर पीसीएस की तैयारी की. शुक्रवार को जब नतीजे आए तो पता चला अब कॉन्स्टेबल से सीधे एसडीएम बन जाएंगे. पीसीएस-2016 में सफल अभ्यर्थियों की लिस्ट में श्याम बाबू ने 52वीं रैंक हासिल की है…
श्याम बाबू सिपाही द्वारा पीसीएस परीक्षा में सफलता के बाद सोशल मीडिया पर क्या वायरल हो रहा है पढ़े…
इनका नाम श्याम बाबू है l ये पुलिस हैं l अपने डिप्टी sp के लिए चाय लाने जा रहे थे
उसी बिच upcs का रिज़ल्ट आ गया l मोबाईल पर चेक किये l चाय लेकर डिप्टी sp साहब के पास पहुँचे l
डिप्टी sp साहब की टेबल पर चाय रख कर बताये – ‘साहब मैं sdm हो गया हूँ l रिज़ल्ट आ गया है l’
डिप्टी sp साहब तुरन्त खड़े हो गए l सेल्यूट किये l मेज से चाय उठाये और इन्हें पिलाने लगे l
ऐसे संघर्षशील व्यक्ति को मेरा भी सलाम l
Courtesy: Ram Lakhan Pushkar Yadav

