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पेंशन योजना सभी के लिए सुलभ है, इसे बरकरार रखने में ही सरकार, सेना, पेंशनर्स की भलाई है : पटेल

प्रयागराज। सीडीए पेंशन स्पर्श टाटा कंसलटेंटिव माइक्रो सॉफ्टवेयर से पूर्व सैनिक व रक्षा सिविलियन पेंशनर्स हो रहे हैं तंग, इसे किया जाए बंद की उठी मांग, क्योंकि पूर्व सैनिकों ने ना ही स्पर्श की कोई मांग किया है, ना ही इसकी कोई आवश्यकता है। रिकॉर्ड्स, सीडीए पेंशन, बैंक सीपीपीसी की व्यवस्था ही जनहितकारी, सरल व कारगर है इसे ही चलने दे तथा पूर्व सैनिकों को पेंशन के लिए टेंशन देना बंद करें स्पर्श टाटा कंपनी वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति प्रयागराज व यूनाइटेड फोरम आफ पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन प्रयागराज के तत्वावधान में पूर्व सैनिकों व रक्षा सिविलियन पेंशनर्स की एक बैठक तपोवन पार्क न्यू कैंट प्रयागराज में पूर्व सूबेदार श्याम सुंदर सिंह पटेल के नेतृत्व में हुई। जिसमें लोगों ने कहा कि हम पूर्व सैनिकों व सभी पेंशनर्स ने कभी स्पर्श की मांग नहीं किया, ना ही स्पर्श टाटा कंपनी द्वारा हमें पेंशन डिसबर्स किया जाए की सहमति जताई ना ही इसकी कोई आवश्यकता महसूस की गई, बैंक सीपीपीसी ,सीडीए की योजना से किसी को कोई तंगी नहीं हुई यह अनावश्यक काम बढ़ा कर तंग करने जैसा है। जो अवैधानिक व गैरकानूनी है। तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 17 दिसंबर 1982 का उल्लंघन है। इसे शीघ्र बंद किया जाए जिसकी लोगों ने मांग उठाई। क्योंकि इससे ना ही सरकार, ना ही पूर्व सैनिकों, या संबंधित विभागों को कोई लाभ है अगर किसी को लाभ है तो वह टाटा कंपनी को पैसा कमाने का एक धंधा है स्पर्श के बिना अभी तक कोई काम नहीं रुका ना रुकेगा इसलिए स्पर्श पेंशनर्स के बीच में एक बाधा है पेंशन नहीं टेंशन देने की यह योजना है इसे तत्काल बंद किया जाए।

इस अवसर पर अध्यक्षता कर रहे श्याम सुंदर सिंह पटेल ने कहा कि साथियों यह तो तंगी की शुरुआत है क्योंकि अभी टाटा जो डाटा बना रही है वह वर्ष 2016 व इसके बाद आज तक रिटायर हुए पूर्व सैनिकों वह रक्षा सिविलियन पेंशनरों के डाटा मांग रहे हैं‌ तब यह हाल है जब वर्ष 2016 के पहले रिटायर हुए सैनिकों के डाटा मांगेंगे तो क्या हाल होगा इतना ही नहीं यह भी चर्चा में है कि कुछ दिन बाद सी डी ए पेंशन विभाग बंद कर दिया जाएगा तथा सैनिकों का जो वेतन कार्यालय होता था उसे भी बंद कर संबंधित रिकॉर्ड ऑफिस के साथ मर्ज कर दिया जाएगा। तब कितनी परेशानियों का सामना सैनिकों व पूर्व सैनिकों तथा रक्षा सिविलियन पेंशनर्स एवं कर्मचारियों को करना पड़ेगा। वह तो समय बताएगा और सबकी बड़ी दुर्गति होगी इसलिए यह एक चिंतनीय विषय है। जबकि पेंशन देने की योजना सैकड़ों वर्ष पुरानी बैंक व ट्रेजरी से चली आ रही है जो सभी के लिए सुलभ व सुविधाजनक तथा कारगर योजना है। उसे बरकरार रखने में ही सरकार, सेना ,पेंशनर्स आदि सभी की भलाई है व इससे किसी को कोई नुकसान व दिक्कत नहीं हो रही स्पर्श टाटा कंपनी आई तो मार्च में हजारों पूर्व सैनिकों की पेंशन रोक दी , इसी तरह अप्रैल में 58000 लोगों की पेंशन रोक दी गई अब यह जानकारी मिल रही है कि 25 मई 20 22 तक यदि टाटा कंपनी को पूर्व सैनिकों ने डाटा नहीं दिया तो मई की पेंशन रोक दी जाएगी यह पूर्व सैनिकों को धमकी भरी सूचना दी जा रही है जो पूरी तरह से गलत है स्पर्श शुरू करने से पहले पूर्व सैनिकों व सैनिकों से किसी भी तरह की ना तो सहमति ली गई नाही सहमति ,असहमति का प्रमाण पत्र मांगा गया और बिना बताए इसे टाटा कंपनी ने ठेका लेकर चालू कर दिया। जिससे आज सभी असहमत है।अब तो यह भी देखा जा रहा है की स्पर्श टाटा सीडीए पेंशन की भी बात नहीं सुन रहा है जो बहुत दुखद है इस ओर सरकार, रक्षा मंत्रालय व सीडीए पेंशन कार्यालय ध्यान दें व इस समस्या से निजात दिलाएं तथा बैंक की सीपीपीसी व्यवस्था को ही पूर्ववत जारी रहने दे पेंशन रोककर टेंशन ना दे जिसका सभी ने समर्थन किया इसे रोकने के लिए पूर्व सैनिक संगठनों द्वारा महामहिम राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री को ज्ञापन भी भेज चुके हैं आशा है सरकार इस पर विचार कर इसे बंद करने का आवश्यक निर्देश जारी कर सभी की भलाई की बात सोचेगी ऐसा हम सबको विश्वास है इसे बंद करने की करने वाले प्रमुख लोगों में श्याम सुंदर सिंह पटेल ,आर् यस उत्तम ,आईसी तिवारी, एसएन मिश्रा, बच्चा लाल प्रजापति ,जी यादव ,सी एल सिंह ,भूपेश कुमार, आर् यन प्रसाद ,मुकेश मिश्रा, नरोत्तम त्रिपाठी, मोहम्मद शाहिद उस्मानी ,सुरेश चंद, आईबी सिंह ,मंजू सिंह ,बिंदु प्रकाश ,रजनी वर्मा ,राजेश्वरी पटेल आदि सभी पूर्व सैनिकों की मांग है।

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