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मऊ! सियासत का पर्दा उठने वाला है, किस दल से कौन है! अब चेहरा दिखने वाला है!

@आनन्द कुमार…

मऊ। पर्दे में रहने दो पर्दा ना उठाओ, पर्दा जो उठ गया तो भेद खुल जाएगा, अल्लाह मेरी तौबा, तौबा मेरे अल्लाह… हिन्दी फिल्म का यह गाना बिल्कुल ही इस समय फिट बैठ रहा है उत्तर प्रदेश में होने वाले नगर पालिका निकाय चुनाव पर। वैसे तो इस गाने से इधर यहां पर्दा उठने वाला है लेकिन पर्दा उठने से पहले बेचैनियां और चेहरे पर तनाव बढ़ते जा रहे हैं। आचार संहिता लगे काफी दिन हो गया है चुनाव की तारीखें नजदीक आती जा रही है, लेकिन मऊ जनपद के एक नगर पालिका परिषद व दस नगर पंचायत के अध्यक्ष व उनके वार्डों में सभासद पद के उम्मीदवारों का नाम किसी भी दल ने अभी तक घोषित नहीं किया है। भले ही चुनाव दूसरे चरण में है लेकिन प्रत्याशियों की बेचैनियां बढ़ती जा रही है। मऊनाथ भंजन नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा से पहले से सामने आ चुके दावेदार तो टिकट की दौड़ में हैं ही कुछ ऐसे चेहरे भी बैक डोर से अपनी जुगत लगाने के फ़िराक में हैं। बढ़े परिसीमन के नए क्षेत्र की बदौलत भाजपा यह चुनाव जीतना तो चाहती है लेकिन उसके सामने चुनौतियां कम नहीं है। नगर निकाय व उर्जा मंत्री का घर भी पहली बार नगर पालिका क्षेत्र में आया है इसलिए यह चुनाव उनके लिए भी काफी मायने रखता है। वैसे तो भाजपा के दावेदारों की बात करें तो सत्यमित्र सिंह दिनेश, त्रिवेणी सर्राफ, संतोष सिंह, आनन्द प्रताप सिंह, नुपूर अग्रवाल, रामानुज सिंह चुन्नू, नीलम सर्राफ, मीना अग्रवाल, डा. विजय के सिंह, रमेश सोनकर, संजय वर्मा, मैदान में हैं। पर्दे के पीछे से सम्भावित प्रत्याशी के रूप में पूर्व राज्यमंत्री अजय कुमार भी लाइन में हैं। इसके अलावा भी पार्टी ऐसा चेहरा तलाश कर रही है जिसकी बदौलत भाजपा को मऊनाथ भंजन की सीट पर कमल खिलाना आसान हो जाए। लोगों को ताज्जुब होगा लेकिन सूत्रों की बात करें तो भाजपा सीट अनारक्षित होने के बावजूद भी अंतिम समय में मुस्लिम, हरिजन या यादव चेहरा पर भी विचार कर सकती है।
इसी सीट पर अगर समाजवादी पार्टी के सिंबल की बात करें तो निवर्तमान चेयरमैन तैय्यब पालकी और अरशद जमाल में दावेदारी काफी टक्कर का है दोनों में कोई एक प्रत्याशी साइकिल से हो सकता है, लेकिन टिकट वितरण में अगर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने थोड़ा सा इंटरफेयर किया और अरशद व तैय्यब में से किसी एक पर बात नहीं बनी तो युवा चेहरा के रूप में आबिद अख्तर व व्यापारी नेता अजहर फैजी में किसी एक पर मुहर लग सकती है। क्योंकि सपा में वे लोग खुलकर सामने तो नहीं आ रहे हैं लेकिन पर्दे के पीछे से बहुतेरे यह चाहते हैं कि तैय्यब व अरशद के अलावा कोई नया चेहरा पार्टी मैदान में लाए।
इसके अलावा भी सपा से दावेदार में इंजीनियर शोएब नोमानी, जमाल अर्पण भी मैदान में हैं। टिकट तो नहीं मांग रहे लेकिन समाजवादी पार्टी अपने राष्ट्रीय स्तर के नेता हाजी इरफान पर दांव लगा दे तो कुछ अतिश्योक्ति नहीं होगी।
वैसे तो 2017 में इस सीट पर बसपा के हाथी के सहारे तैय्यब पालकी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी लेकिन विधानसभा चुनाव 2022 के ऐन चुनाव के पहले उनका सपा प्रेम और हाथी से उतरकर साइकिल की सवारी करना उन्हें साइकिल पर बिठाए रखता है कि पैदल करता है देखना होगा।
लेकिन मऊनाथ भंजन नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए बसपा तो कहीं से भी अभी लाइम लाइट में नहीं है लेकिन थोड़ा सा खेल अप डाउन हुआ तो बसपा अचानक से खेल को त्रिकोणीय कर सकती है।
उधर निर्दल लड़ने वाले तो कमर कस कर मैदान में अटे पड़े हुए हैं और कांग्रेस, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी व उलेमा कौंसिल भी मैदान में किस चेहरे पर क्या गुल खिलाएगी देखना होगा। जिन्हें टिकट की उम्मीद है वह भी यह उम्मीद पाल बैठे हुए हैं कि पर्दा उठेगा तो चेहरा उनका होगा या वे सिर्फ पार्टी का मोहरा बनकर रह जाएंगे।

मऊ जिले की नगर पंचायत की दस सीट पर किस दल से कौन?

मऊ जनपद की दस नगर पंचायतों में कोपागंज, घोसी, अमिला, दोहरीघाट, मधुबन, अदरी, मुहम्मदाबाद गोहना, वलीदपुर, चिरैयाकोट व कुर्थीजाफरपुर सीट पर सपा, भाजपा, बसपा, सुभासपा, कांग्रेस, आप व निर्दलियों के बीच जबरदस्त होने वाली है। किसी भी दल ने किसी भी सीट पर चेहरा तय तो नहीं किया है लेकिन इतना तो तय है कि भाजपा प्रत्याशियों की चुनाव में थोड़ी सी भी लापरवाही की तो परिणाम विधानसभा 2022 जैसा आना संभावित है और सपा व बसपा व निर्दलीय को पाने को बहुत कुछ।

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