एक दिया जलाने से पहले, एक दिया मन में जला लेना,
मेरी कलम से…
आनन्द कुमार

सुनो सुनो सुनो,
प्रधानमंत्री ने कहा है,
आज रात 9 बजे से,
9 मिनट तक,
अपने घर के अंदर से,
एक दीया जरूर जलाएं,
सच में आपको,
दिया जलाना है तो जलाइए,
कोई रोक नहीं है,
ना ही कोई टोक है,
दीपों के दीपोत्सव से,
खोने को कुछ नहीं,
पाने को बहुत कुछ है।
बिल्कुल दिया जलाओ,
इस अभिशप्त वायरस से,
इस देश को मुक्त कराओ,
हां,
लेकिन एक निवेदन है मेरा भी है,
उनकी भी सुने हो,
मेरा भी सुन लो,
अगर सच में दिया जलाना चाहते हो,
इस जहां को रोशन करना चाहते हो,
तो एक दिया,
अपने मन के अंदर भी जला लेना,
एक दिया,
अपने दिल के अंदर भी जला लेना।
वह दिया जो प्रेम का हो,
जिसमें नफरत ना हो,
वह दिया जो धर्म का हो,
जिसमें हिन्दू मुस्लिम ना हो,
वह दिया संस्कार का हो,
जिसमें जलालत ना हो,
वह दिया सद्भाव का हो,
वह दिया जिसमें सद्भावना हो,
वह दिया जिसमें, लाचारगी ना हो,
सच में मोदी जी कहिन,
एक दिया जलाने से पहले,
एक दिया मन में जला लेना,
अपने मन में बैठे,
अहंकार को मीटा लेना।।

