मिसाल-ए-मऊ

मऊ के मेराज का दिल्ली कैपिटल्स टीम के लिए नेट बॉलर के रूप में चयन

@ आनन्द कुमार…

मऊ। क्रिकेट का अपना एक अलग ही जुनून है। जिसके अंदर यह जुनून समाया, तो फिर वह पीछे मुड़कर नहीं देखता, की उसे और क्या करना है। उम्र की ढलान, बल्ले और गेंद के प्रति लगाव अगर किसी युवा को 30 वर्ष की उम्र में क्रिकेट के क्षेत्र में सफलता मिले तो फिर उसका बल्ले-बल्ले तो होना ही है।
मऊ के मेराज खान का आईपीएल के दिल्ली कैपिटल्स टीम में नेट बॉलर के तौर पर चयन होने से मऊ में खुशी का माहौल है और परिजन फूले नहीं समा रहे हैं।

बताते चलें कि मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना के छोटे से गांव शेखवाड़ा निवासी अशफाक खान के पुत्र मेराज का शुरू से क्रिकेट के प्रति लगाव था। लेकिन खेल के प्रति उसकी चाह और घर की माली हालत के आगे उसे कुछ भी समझ में नहीं आता था कि क्या कैसे करे।
पिता वर्तमान में दिल्ली में ई-रिक्शा चलाकर पूरे परिवार का पेट पालते हैं तो 30 वर्षीय मेराज की पत्नी शबनम प्राइवेट स्कूल में नौकरी कर घर का आर्थिक मदद कर मेराज के हौंसले को पंख देती है। माता परवीन तीन बेटियों व एक छोटे बच्चे के साथ पूरे परिवार को संभालती हैं।
बताते चलें कि मऊ शहर में वेदांत क्रिकेट क्लब में अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले मेराज खान क्रिकेट के जुनून के प्रति टीम में हर किसी का चहेता था। मेराज ने कड़ी मेहनत और लगन करते हुए क्रिकेट की बारिकियों पर नजर रखा। शुरुआती दौर में मऊ में अपने सहपाठी सुंदरम दुबे के साथ प्रशिक्षण लिया और जब उन्हें लगा कि हम कुछ अलग कर सकते हैं और मऊ में क्रिकेट के प्रति कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी तो पिता के पास जाकर वर्ष 2017 में दिल्ली के अकैडमी एस बी यूथ में कोच अनिल के पास एडमिशन ले लिया। दिन-रात कड़ी मेहनत करके आज आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम में नेट बॉलर के रूप में चयन होने पर अपने गांव और शहर का नाम रोशन किया है और लोग मेराज के इस सफलता पर गदगद हैं। इससे पहले भी मेराज ने मलेशिया सुपर सिक्स, श्रीलंका ट्राइंगुलर सीरीज एवम नेपाल, थाईलैंड में होने वाले लीग में भाग ले चुका है। इससे पहले रणजी ट्रॉफी का ट्रायल दिया था विफल रहा लेकिन कभी हार नहीं मानी।


उसके पिता भी इस उम्र में उसे क्रिकेट खेलने की आजादी दिए हुए हैं। मेराज का कहना है कि क्रिकेट में ही अम्पायरिंग आदि करके वे कुछ खर्च निकाल लेते हैं।
मेराज खान के चयन होने पर वेदांत क्रिकेट क्लब के खिलाड़ियों ने कहा कि यह मऊ व क्लब के लिए गौरव का क्षण है। वहीं सर्वसहाय फाउंडेशन के फाउंडर प्रमोद कुमार का कहना है कि मेराज का यह सफलता मऊ के लिए गौरव की बात है संस्था शीघ्र ही मेराज को मऊ या दिल्ली में सम्मानित करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *