अपना जिला

मऊ में जीएसटी व्यापारी संवाद कार्यक्रम सम्पन्न, नई कर दरों और व्यापारिक सुविधाओं पर हुआ व्यापक मंथन

मऊ में जीएसटी व्यापारी संवाद कार्यक्रम सम्पन्न, नई कर दरों और व्यापारिक सुविधाओं पर हुआ व्यापक मंथन मऊ। राज्य कर/जीएसटी विभाग, मऊ द्वारा राजस्थान भवन में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनपद के व्यापारियों एवं उद्यमियों को जीएसटी पंजीयन के अंतर्गत मिलने वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ, दुर्घटना की स्थिति में 10 लाख रुपये तक के बीमा कवर तथा जीएसटी दरों में की गई हालिया कटौती की विस्तृत जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी मऊ सत्यप्रिय सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत व्यापार से व्यापारियों को जहां कानूनी सुरक्षा और आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं, वहीं इससे शासन को राजस्व प्राप्त होता है, जो विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने जीएसटी विभाग को निर्देशित किया कि इस प्रकार के व्यापारी संवाद कार्यक्रम ट्रेड-वाइज निरंतर आयोजित किए जाएं, जिससे अधिक से अधिक व्यापारी जागरूक होकर जीएसटी व्यवस्था से जुड़ सकें। साथ ही उन्होंने जनपद की जनसंख्या के अनुपात में व्यापारियों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अपर आयुक्त (अपील) जीएसटी, आजमगढ़ हरिलाल प्रजापति ने व्यापारियों को विभाग के समक्ष अपने सुझाव रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि व्यापारी संवाद जैसे कार्यक्रमों से विभाग और व्यापारियों के बीच समन्वय मजबूत होता है। उन्होंने भविष्य में होने वाले प्रक्रियागत सरलीकरण, जीएसटी पंजीयन के लाभ, रिटर्न फाइलिंग, टीडीएस एवं टीसीएस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। साथ ही कानूनी सीमा से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों को भी स्वेच्छा से जीएसटी पंजीयन लेने के लिए प्रेरित किया और संशोधित टैक्स दरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डिप्टी कमिश्नर जीएसटी, मऊ मनोज कुमार यादव ने किया। उन्होंने जीएसटी पंजीयन से होने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 22 सितंबर 2025 से लागू नई जीएसटी दरों के अंतर्गत अब महत्वपूर्ण जीवन रक्षक दवाइयों पर जीएसटी की दर 5 एवं 12 प्रतिशत से घटाकर क्रमशः शून्य एवं 5 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में लागू चार टैक्स स्लैब व्यवस्था में संशोधन करते हुए 12 एवं 28 प्रतिशत के स्लैब को समाप्त कर दिया गया है। वर्तमान में केवल 5 एवं 18 प्रतिशत की दरें ही प्रभावी हैं, जिनमें रोजमर्रा के उपयोग की अधिकांश आवश्यक वस्तुओं को 5 प्रतिशत के स्लैब में शामिल किया गया है। संवाद कार्यक्रम में उमाशंकर ओमर (प्रतिनिधि, उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड), आजाद यादव, डॉ. रामगोपाल गुप्ता (जिलाध्यक्ष अखिल व्यापार मंडल, मऊ), जमाल अख्तर (अध्यक्ष, मऊ साड़ी व्यापार एसोसिएशन), लाल बहादुर पाण्डेय (ट्रांसपोर्ट यूनियन मऊ), संजय वर्मा (आजमगढ़ मंडल चेयरमैन, व्यापारी कल्याण बोर्ड), राकेश तिवारी (जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल), भरत थरड (महामंत्री, लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश), शिवजी राय (अध्यक्ष, दवा वेलफेयर सोसाइटी, मऊ), टैक्स अधिवक्ता नीरज मिश्रा, गुंजन बरनवाल, सीए हंजला, सीए दीपाली बंसल, मीडिया प्रतिनिधि श्रीराम जायसवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर श्री अवनीश चौधरी, सहायक आयुक्तगण एवं अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से व्यापारियों को जीएसटी व्यवस्था के प्रति जागरूक करते हुए कर अनुपालन को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे व्यापारिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *