साहित्य, संगीत एवं कला मंच के वार्षिक समारोह में कवि सम्मेलन में 51 प्रतिभाओं का सम्मान
प्रयागराज । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था साहित्य ,संगीत एवं कला मंच मुंडेरा प्रयागराज का वार्षिक समारोह एवं कवि सम्मेलन नवीन शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बेगम सराय, मुंडेरा प्रयागराज में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों के बीच धूमधाम से संपन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री भगवान सिंह (सेवानिवृत्त) ,विशिष्ट अतिथि डॉक्टर केदारनाथ, पूर्व सीएम ओ ,डॉ अरुण कुमार मिश्र बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ ,कार्यक्रम की अध्यक्षता विंग कमांडर वायुसेना उपेंद्र ठाकुर (सेवानिवृत्त) तथा कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कवि विश्वनाथ प्रसाद श्रीवास्तव (हाजी) व संचालन प्रदीप चित्रांशी तथा संयोजन संस्था अध्यक्ष हरीश चंद्र शुक्ला ,विंध्यवासिनी शुक्ला संस्था संस्थापक एवं महासचिव आदि ने किया मीडिया प्रबंधन का दायित्व पूर्व सूबेदार श्यामसुंदर सिंह पटेल ने निभाया कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री भगवान सिंह व अन्य अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ सरस्वती वंदना प्रीता बाजपेई ने प्रस्तुत कर लोगों को मन मुग्ध किया तत्पश्चात स्वागत गीत से विश्वनाथ प्रसाद श्रीवास्तव हाजी जी ने सभी का स्वागत कर खुशनुमा माहौल बनाया इसी क्रम में संस्था के अध्यक्ष हरिश चंद्र शुक्ला ,महासचिव डॉक्टर विंध्यवासिनी शुक्ला ने मंचासीन अतिथियों व समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 51 प्रतिभाओं का माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम से सम्मानित किया जिसमें प्रमुख रुप से श्री भगवान सिंह, उपेंद्र ठाकुर, डॉ केदार नाथ, डॉ अरुण कुमार मिश्र, श्यामसुंदर सिंह पटेल ,पार्षद अनिल कुमार कुशवाहा ,श्रीराम शिवहरे, रामवीर पथिक ,डॉक्टर प्रदीप चित्रांशी ,अभिषेक पांडे अनजान ,श्री राम तिवारी , फरमूद इलाहाबादी ,सेलाल ,रामबीर पथिक, मधुलिका मिश्रा, आर एल प्रजापति, आदि शामिल रहे तत्पश्चात विंध्यवासिनी शुक्ला जी ने अपने स्वागत भाषण से सभी का स्वागत किया व कहा कि संस्था साहित्य संगीत व कला के माध्यम से लोगों में शिक्षा ,संस्कार व मानवीय भाव जागृत कर समाज सेवा, देश सेवा के के लिए लोगों को प्रेरित करती है जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं इस हेतु आप सभी का स्वागत अभिनंदन है एवं सहयोग के लिए हार्दिक आभार प्रकट करता हूं कहा, तत्पश्चात कवियों ने अपनी रचनाओं से काव्यधारा बहाकर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया ,हंसाया, गुदगुदाया व लोगों के दिल छू लेने वाली बातों की प्रस्तुति की जो बहुत ही आनंददायक रहा जिसमें डॉक्टर प्रदीप सिट्रेंसी ने रचना पढ़ी_
लड़ते-लड़ते भूख से खोया होश, जज्बाती सांसे हुई खुद ही खुद खामोश…, अभिषेक केसरवानी ने कहां _सांस आखिरी इस वतन के लिए ,फिर से जीवन मिले इस चमन के लिए…., प्रीता बाजपेई ने सुनाया _ दूसरों को हंसाते रहती हूं, अपने गम को छुपाते रहती , हूं दिल का आईना चूर है लेकिन फितरतन मुस्कुराती रहती हूं …., हाजी इलाहाबादी ने कहा _ एहसान ए मोहब्बत को रो-रो के जगाते हैं ,हम लोग चिराग अपना पानी में जलाते हैं…, बीवी शुक्ल ने कहा _ उनके आने का पैगाम आया….., श्रीराम शिवहरे ने कहा _ दुनिया में रहते ऐसे कैसे लोग ….,उपेंद्र कुमार पांडे मनमौजी ने सुनाया _ खाई तो पट गई और दलदल रह गया है, कोई हस्ती तो मिल गई पर हलचल रह गया है …..,एचएन पांडेय अंजान ने कहा _वाह रे मेरा हिंदुस्तान………. श्री राम तिवारी ने कहा _ सागर की लहरें तूफानी बहुत है …., फरमुद इलाहाबादी ने सुनाया _ हूर लगती है नौकरानी भी ,हाय क्या चीज है जवानी भी …..,सेलाल इलाहाबादी ने पढ़ा _ दिल से दिल मिल जाए फिर जुदा नहीं होता …….,रामवीर सिंह पथिक ने सुनाया _उठो लेखनी तुम्हें अभी और बिना रुके चलना है….., मधुलिका ने सुनाया _भोर अधीर गंभीर रही ,समीर शरीर सिरहन है सकारे …..,इस प्रकार सभी ने अपनी रचनाएं सुनाकर लोगों से ढेरों तालियां व वाह वाही लूटी तथा लोगों ने इसका आनंद उठाया इस अवसर पर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री भगवान सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय रहा साहित्य संगीत कला मंच का यह कवि सम्मेलन लोगों की आत्मा की खुराक थी जिसे पाकर लोग गदगद हो मन मुग्ध हो गए हम एक माटी का दिया बनकर सभी को रोशन कर सकते हैं ऐसे आयोजनों से मानवीय भाव जगते हैं आपसी सौहार्द भाईचारा चैन अमन कायम होता है इसलिए ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए मैं सभी आयोजकों को हृदय से धन्यवाद एवं आभार प्रकट करता हूं साथ ही सभी के जीवन की मंगल कामना करते हुए संस्था की प्रगति व उसके उज्जवल भविष्य की मंगल कामनाएं करता हूं कहा ,इसी प्रकार अन्य वक्ताओं ने भी कार्यक्रम की प्रशंसा कर अपनी शुभकामनाएं दी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विंग कमांडर उपेंद्र ठाकुर ने कहा कि लोगों को संगठित कर उनके सम्यक विकास के लिए ऐसी विधाएं व आयोजनों की महती भूमिका होती है मैं संस्था के उत्तरोत्तर प्रगति के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन डॉ विंध्यवासिनी शुक्ला ने किया इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों में डॉक्टर केदारनाथ श्रीवास्तव ,उपेंद्र ठाकुर, डॉ अरुण कुमार ,श्याम सुंदर सिंह पटेल ,पार्षद अनिल कुमार कुशवाहा ,रीता देवी ,विजय कुमार त्रिपाठी ,सुभाष चंद्र शर्मा ,हरीश चंद्र शर्मा, डॉक्टर एस डी आनंद, ए के श्रीवास्तव ,रमाकांत पांडे, आरके उपाध्याय, रंगनाथ पांडे ,डॉ वेद प्रकाश पांडे ,आर एल प्रजापति, राहुल कुशवाहा, निरंकार त्रिपाठी, खड़ग सिंह ,शिव शंकर राय, आरके श्रीवास्तव, शंभू नाथ मिश्र आदि सैकड़ों लोग शामिल रहे आयोजकों को धन्यवाद एवं आभार श्याम सुंदर सिंह पटेल ने किया।










