पीएम मातृ वंदना सप्ताह के चौथे दिन चलाया गया हस्ताक्षर अभियान, CMO ने की शुरूआत

■ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के व्यापक प्रचार – प्रसार व शत प्रतिशत लाभार्थियों को लाभ दिलाने के लिए मनाया जा रहा सप्ताह
पहली बार गर्भवती होने पर योजना के तहत तीन किश्तों में मिलते हैं 5000 रूपये
मऊ, 04 सितम्बर 2021-
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार व ज्यादा से ज्यादा पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ पहुंचाने के लिए एक से सात सितम्बर तक मातृ वंदना सप्ताह मनाया जा रहा है ।
इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल व पोषण के लिए तीन किश्तों में 5,000 रूपये सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं। मातृ वंदना सप्ताह के चौथे दिन शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में हस्ताक्षर अभियान का शुभारम्भ किया गया, जिसमें जिले के सभी अधिकारियों व अन्य उपस्थित लोगों ने दस्तखत किये।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे ने कहा- इस योजना का मुख्य उद्देश्य पहली बार मां बनने वाली महिला की गर्भावस्था, बच्चे के जन्म के समय और स्तनपान के समय ज्यादा से ज्यादा देखभाल और सेवा को बढ़ावा देना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।
सीएमओ ने बताया कि इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण के लिए 5,000 रुपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है। पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह धनराशि खाते में सीधे हस्तांतरित की जाती है। यह योजना जनवरी 2017 से चलायी जा रही है। जनपद में अब तक 51,523 महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है।
वही मातृ वंदना सप्ताह के चौथे दिन हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जिला महिला चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ चंद्रा सिन्हा के नेतृत्व में लाभार्थियों को जागरूक किया गया।
सीएमओ कार्यालय में हस्ताक्षर अभियान के शुभारम्भ के दौरान एसीएमओ डॉ श्रवण कुमार, डॉ वकील अली, योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) विवेक सिंह, डीसीपीएम संतोष कुमार सिंह, डीईआईसी मैनेजर अरबिंद वर्मा, डीपीए अभिषेक, डॉ एचआर सोनी, डॉ डीके सिंह, डॉ एसएन आर्या, डॉ राजीव पांडेय, डॉ फैजान, डॉ अनिल कुमार, डॉ अशोक कुमार, डॉ दिनेश कुमार व समस्त चिकित्सा अधीक्षक तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

