कुशीनगर! 05 लोगों की जान बचा खुद को न बचा सकी बहादुर पूजा

@ आनन्द कुमार…
कुशीनगर के नौरंगिया स्कूल टोला स्थित कुआं हादसे में मरने वाले लोगों में 22 वर्ष की पूजा यादव की बहादुरी के चर्चे उसकी मौत के बाद भी हो रहे हैं। 13 की मौत में शामिल पूजा ने अपने मजबूत इरादों के साथ जीवन के अंतिम क्षण में जो बहादुरी दिखाई उसके आगे सभी अश्रुपूरित नैनों से नतमस्तक हैं। बुधवार की रात के दर्दनाक हादसे के दौरान पूजा यादव हिम्मत की बातें चहुं ओर हो रही है। तहसीलदार शाही महाविद्यालय सिंगहा में पूजा बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पिता बलवंत यादव जम्मू कश्मीर में आर्मी में हवलदार पद पर पोस्टेड हैं। उसके दो जुड़वां भाई आदित्य और उत्कर्ष हैं। क्लास नौ में पढ़ते हैं। पूरा परिवार शिक्षित है। पूजा खुद की तरह ही अपने भाइयों को भी सेना, पुलिस में भर्ती करवाना चाहती थी। लेकिन देश सेवा के लिए सेना में भर्ती होने से पहले ही वह जिन्दगी की जंग हार गई। लेकिन पूजा की जांबाजी से दो बच्चों सहित पांच लोगों की जान बच गई। उसने अपनी मां लीलावती के बाद अनूप, उपेंद्र एक-एक कर पांच अन्य लोगों को बचाया। लेकिन छठे की जान बचाते वक्त वह अपने जज्बे से तो जीत गई लेकिन खुद कुआं में डूब जिन्दगी हार गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूजा को धुन सवार थी कि वह सभी को बचाएगी। वह लखनऊ में रहकर सेना में भर्ती की तैयारी कर रही थी। आर्मी मैन बलवंत यादव की बिटिया पूजा के बहादुरी के चर्चे चंहु ओर हैं। पिता को शादी की चिंता थी और नियति ने ऐसा रचा कि उसका देश सेवा का सपना अधूरा रह गया। हां देश को अलविदा कहने से पहले पूजा ने यह देश को जता दिया की उसकी जिन्दगी देश के लिए बनी थी और वह देश को समर्पित कर दी।


