एक साल की बेटी के हैप्पी बर्थडे पार्टी में पूर्व सैनिकों ने बांटा अपना दर्द,

@ आनन्द कुमार…
समाज में सबका अपना अलग ही अलग दर्द है, जिसको जहां जब समझ में आता है दर्द को सुनने और समझने वाला व्यक्ति मिल जाता है तो वहीं पर वह अपना दर्द साझा कर लेता है। समस्याएं हर किसी को किसी न किसी रूप में होती है, कोई नौकरी के दौरान समस्या में होता है तो कोई नौकरी करने के बाद रिटायरमेंट होने के बाद समस्या में है। इन्हीं समस्याओं में लोग अपनी-अपनी समस्या को जब अपने लोग मिलते हैं तो मिलकर बैठ कर बात व चर्चा कर लेते हैं और उसके निदान का अवसर ढूंढने लगते हैं। कुछ ऐसा ही अलग हुआ कल जनपद प्रयागराज में अवसर था छोटी सी बच्ची का जन्मदिन का लेकिन जब उस अवसर पर लोग इकट्ठा हुए तो उसमें ज्यादा से ज्यादा लोग रिटायर्ड सेना के सर्विस से थे और जब वह वहां पर मिले तो अपनी दर्द अपनी समस्या साझा कर बैठे और उसके निदान की मांग करने लगें।
क्या है पूरा अवसर…
आपको बताते चलें कि वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति प्रयागराज के कार्यकारी अध्यक्ष व थल सेना के पूर्व सूबेदार, कारगिल युद्ध विजेता ईश्वर चंद तिवारी व श्रीमती लक्ष्मी देवी की सुपौत्री व पुत्र डॉक्टर पंकज कुमार तिवारी व बहू डॉक्टर वंदना त्रिपाठी की बेटी नव्या तिवारी का प्रथम जन्मदिन समारोह व प्रीतिभोज नगर के साईं बिला गेस्ट हाउस लूकरगंज प्रयागराज में धूमधाम से आयोजित था। जिसमें अन्य लोगों के अलावा एक सैकड़ा से ज्यादा पूर्व सैनिक व उनके परिवार जन भी शामिल थे। सभी ने बच्ची को आशीर्वाद दिया और वास्ता, खाना खाया। इसी दौरान सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा पूर्व सैनिक जब एक जगह बैठे तो इधर उधर की बातों में अपना समय न जाया कर, सैनिकों के मुद्दे, समस्याओं की बतकही छेड़ दी। सभी ने एक स्वर में कहा कि सरकार द्वारा स्पर्श टाटा कंसलटेटिव माइक्रो सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीडीए पेंशन का जो निजीकरण हुआ है यह पेंशनर्स के लिए समस्या खड़ी कर रही है। सभी ने एक स्वर में विरोध कर कहा कि इसे तत्काल बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि हमें समस्या से मुक्ति के लिए चाहे धरना प्रदर्शन व आंदोलन ही क्यों न करना पड़े हम लोग करेंगे। लोगों ने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है ना हम लोगों ने इसकी कोई मांग किया है। और ना ही यह उपयोगी है यह अनावश्यक समस्यादायक कार्य केवल पूर्व सैनिकों को परेशान करने के लिए थोपा गया है।
पूर्व सूबेदार थल सेना कारगिल युद्ध विजेता श्यामसुंदर सिंह पटेल ने क्या…
अभी तो स्पर्श टाटा वर्ष 2016 से 2022 तक सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिकों का डाटा मांग रहा है। जिससे लोग इतना परेशान होकर त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। जब 2016 के पूर्व हुए सेवानिवृत पूर्व सैनिकों का जो वरिष्ठ नागरिक है ज्यादातर गांव में रहते हैं तब उनकी क्या स्थिति होगी उसकी चिंता सभी की सता रही है। यद्यपि ऐसी जानकारी मिली है कि 25 जून 2022 तक उक्त लोगों का डाटा जमा होना है। तब तक पेंशन नहीं रोकी जाएगी तथा 2016 के पहले वालों को यह विकल्प होगा कि वह पुरानी व्यवस्था में रहना चाहते हैं या स्पर्श में जुड़ना चाहते हैं वह उनके ऊपर है ऐसी उड़ती खबर मिल रही है। यह तो आने वाला समय बताएगा कि किसका किसका स्पर्श में जाना होगा लेकिन सभी ने टाटा के स्पर्श का विरोध किया है तथा इसे बंद होना चाहिए की मांग उठाते हुए कहा कि हमें सीडीए पेंशन व बैंक सीपीसी की व्यवस्था ही सही, सरल व सुविधाजनक लगती है व हमारे घर के नजदीक बैंक से ही जीवन प्रमाण पत्र पहुंचाने में आसानी है इसलिए हमें स्पर्श नहीं चाहिए।
नेता जी इसके लिए आप आगे बढ़ो हम आपके साथ हैं…
पूर्व सैनिकों की समस्या इतनी गंभीर होती जा रही है कि उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें इसलिए जन्मदिन पार्टी के दिन ही पूर्व सैनिकों ने श्याम सुंदर सिंह पटेल से कहा कि नेताजी आप आगे बढ़ो हम सभी की लड़ाई लड़ो हम सभी आपके साथ हैं। लोगों ने सरकार से पूर्व सैनिकों के हित के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
इस अवसर पर बच्चा लाल प्रजापति, आईसी तिवारी, जी. यादव, मोहम्मद शाहिद उस्मानी, ए के यादव, अमर सिंह, ओपी पाल, एके तिवारी, रामनिवास प्रसाद, भूपेश कुमार, आरपी चौहान, एसपी श्रीवास्तव,नरोत्तम त्रिपाठी, मुकेश मिश्रा, लेखराज सिंह जेबी राय, बिंदुप्रकाश, राम किशोरी देवी, लक्ष्मी देवी आदि सैकड़ों पूर्व सैनिक व पदाधिकारी गण वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति प्रयागराज के लोग उपस्थित रहे।

