स्मृति विशेष : नपा चेयरमैन का पद भी संभाल चुके थे डॉ शमीम
मऊ। हड्डी के देसी इलाज व साइटिका, गठिया के विशेषज्ञ डॉक्टर शमीम का 14 जुलाई 2019 को दिन में अचानक इंतेक़ाल हो गया।
स्वर्गीय डॉक्टर शमीम हड्डी के माने जाने डॉक्टर सईद के पोते थे। बताते हैं कि डॉक्टर सईद के पास लोग इलाज के लिये अगल-बगल के जनपदों से ही नहीं दूसरे प्रांतों से भी लोग दूर दूर से आते थे। इनके पिता डॉक्टर सईद के बारे में कहा जाता था कि वो इंसानों के इलावा जानवरों की भी टूटी हड्डियां जोड़ देते थे। एक बार एक हाथी के टूटे पैर को ठीक किया था।
डॉक्टर शमीम अपने इस खानदानी पेशे से चौथी पीढ़ी से सम्बन्ध रखते है।
डॉक्टर शमीम बहुत ही दरिया दिल इंसान थे। खामोशी से लोगों की बड़ी बड़ी मदद कर देते थे। गरीबो का मुफ्त में इलाज करते थे। कई मस्जिदों की तामीर लाखों खर्च करके उन्होंने करदी थी। डॉक्टर साहब के देहांत से पूरे मऊ में दुख का माहौल है। लोग उनकी कमी हमेशा महसूस करेंगे।
डॉक्टर शमीम एक बार सभासद भी चुने गए थे। नायब चेयरमैन चुने जाने के बाद चेयरमैन के अविश्वाश प्रस्ताव में हटाये जाने से कुछ दिनों के लिये डॉक्टर साहब नगरपालिका परिषद मऊ के चेयरमैन पद की भी ज़िम्मेदारी संभाल चुके हैं ।
उनकी मृत्यु पर पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल ने अपने गहरे दुख का इज़हार किया है और उनके सम्बन्धियो को सांत्वना दी है। डॉक्टर साहब के अंतिम संस्कार में जुटी भीड़ से उनकी पॉपुलरटी का अंदाज़ा होता है।
स्वर्गीय शमीम साहब के 1 बेटी और 7 बेटे है, जिनमे 2 बच्चे MBBS MD हैं। एक बेटा BUMS है तो एक बेटा आईआईटी से इंजीनियर हैं और एक कम्प्यूटर से स्नातक है। बाकी पैतृक कारोबार देख रहे है या पढ़ रहे हैं।
डॉक्टर शमीम के निधन से साइटिका गठिया या हड्डी रोगों के देसी इलाज का डॉक्टर का निधन हो गया वह अपने देसी इलाज के तरीके से दूर दूर तक जाने जाते थे उनके इलाज के तरीके लोगों के लिए चर्चा का विषय हुआ करते थे इसके साथ ही उन्होंने व्यवसाय के क्षेत्र में शाहजहां होटल के नाम से एक बहुत बड़ा होटल कांप्लेक्स नगर के सिंधी कॉलोनी मोहल्ले में बनाया हुआ है डॉक्टर शमीम अपनी सादगी के लिए भी जाने जाते थे उनके सरल स्वभाव के लोग कायल थे।

