रचनाकार

पर्यावरण

@ डॉ सरला सिंह स्निग्धा, दिल्ली

पर्यावरण सहेज लो ,करो हमेशा काम ।
होगा कल तेरा सहज,जग में होगा नाम।

धरती का अवलम्ब है,पर्यावरण सहेज,
जगती भी देगी दुआ, करो नहीं परहेज।

दोनों ही देंगे दुआ,धरा जलधि के साथ।
पर्यावरण सहेज लो,रख दो इनपर हाथ।।

जीवन का आधार है,करो सदा तुम मान।
पर्यावरण बिना नहीं,मनुज नहीं यह जान।

धरती की सब जान है, वन औ उपवन मान,
काटो मत तुम वृक्ष कभी,यही मनुज की जान।।

One thought on “पर्यावरण

  • डाक्टर महिमा सिंह

    बहुत खूब लिखा है 🙏🥰👌👌👌👌

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *