कांग्रेसी उड़ा रहे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां
■ नहीं है कांग्रेसियों को कोरोना का खौफ

मऊ। एक तरफ जहां जिलाधिकारी इस महामारी से बचने के लिए दिन रात मेहनत कर जनता को जगरुक करने के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग और सावधनी तथा सतर्कता बरतने की बार-बार हिदायत दे रहे हैं और किसी भी सार्वजनिक स्थानों तथा राजनीतिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से पांबदी है। इसके बावजूद कांग्रेसी कानून का पालन करते नहीं दिख रहे है और बिना मास्क लगाये एवं सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर शहर मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक पेट्रोल व डीजल के बढ़े दामों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन रहे है। बुधवार को भी घोसी में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष इंतखाब आलम के नेेतृत्व में सैकड़ों केे कार्यकत्ताओं ने पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों को लेकर कर रहे प्रदर्शन के सोशल डिस्टेंसिग की पूरी तरह से धज्जियां ही उड़ा दी। कार्यकर्ताओं में न तो कानून का डर और न ही कोरोना का खौफ नहीं दिखा। हालांकि इनका विरोध करना लाज़मी भी है पर इस महामारी में अपने के साथ-साथ दूसरों को भी बचाना जरुरी है। फिर भी कांग्रेसी कानून को ताख पर रख प्रदर्शन कर रहे हैं। क्या सारा कानून सिर्फ जनता पर ही लागू होता है नेताओं व अधिकारियों पर नहीं? परिणाम यह है कि अनलाॅक-1 में मऊ जनपद में सबसे अधिक कोरोना के मरीज मिले हैं और आकड़ा सौ से पार हो गया है। इसके बावजूद जनता या नेता एवं अधिसकारियों में किसी भी तरह का कोरोना का खौफ नहीं दिख रहा है। लोग बिना मास्क लगाये ही बाजारों में घूमते नज़र आ रहे है। अगर समय रहते लोग नहीं चेते तो स्थिति और भी भयावाह रुप ले लेगी। लोग इस महामारी को समझे और जरुरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलें, तभी कोरोना से जंग जीता जा सकता है।

