बात सेहत की

‘घर-घर पर दस्तक अभियान’ आरंभ, संचारी रोगों का करेगा खात्मा

0 आशा वर्कर जिले के प्रत्येक घरों में जाकर संचारी रोगों से ग्रसित मरीजों को करेगीं चिन्हित  

मऊ। जिले में मच्छरों मक्खियों और गंदगी के कारण अन्य संचार के माध्यमों से फैलने वाली संक्रामक बीमारियों को मात देने के लिये जिले के गांव-गांव में आशाओं और स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा घर-घर दस्तक अभियान की शुरुवात हो गई है। 30 अप्रैल तक चलने वाले अभियान में लोगों को स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, पोषणयुक्त भोजन, शुद्ध पेयजल आदि की महत्ता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नियमित टीकाकरण सत्रों में 2 वर्ष तक के बच्चों को जेई का टीका भी लगाया जा रहा है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे का।

डॉ दुबे ने बताया कि अभियान के अंतर्गत आशा वर्कर जनपद के प्रत्येक घरों में जाकर टीबी के सक्रिय मरीज, डेंगू, फाइलेरिया, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस आदि संचारी रोगों से ग्रसित मरीजों को चिन्हित कर उन्हें उपचार, आनलाइन पंजीकरण और योजनाओं का लाभ देने का कार्य कर रही हैं।
टीकाकरण के कारण वैक्सीन से शरीर में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को पहचान कर उन्हें नष्ट करने के लिए एंटीबॉडीज बनाने का कार्य करती है। टीकाकरण के समय पर होने से गर्भवती और बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के कारण जानलेवा रोगों से बचाव होता है। यह शरीर में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्म जीवों को नष्ट करता है। रोगों से बीमारियों के बचाव के लिए ही जन्म के समय से ही नियमित टीकाकरण भी शुरू कर दिया जाता है। 

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वेक्टर बार्न डॉ आरबी सिंह ने बताया कि संचारी मच्छरों से फैलने वाला वह संक्रामक रोग है, जो किसी ना किसी रोग जनित वायरस के कारण होता है, जो गुणात्मक रूप से एक शरीर से दूसरे शरीर में फैलता है। मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार, एईएस, जेई, कालाजार के संक्रामक रोगों के उदाहरण हैं।

जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि संचारी रोगों से जागरुकता व साफ-सफाई के माध्यम से ही इससे बचा जा सकता है। इसके लिए कोविड के नियमों का पालन करते हुए मच्छरों द्वारा फैलने वाले संचारी के रोगों से बचाव की जानकारी घर-घर जाकर “दस्तक अभियान” के माध्यम से दी जा रही है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ बीके यादव ने बताया कि जन्म से दो वर्ष तक की आयु तक टीकाकरण जेई बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है। इसी के साथ में आईएमआई के टीके से बच्चों को अच्छादित किया जा रहा है। टीकाकरण के साथ साथ बच्चों को पौष्टिक भोजन उंनके अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। जिससे बच्चों में रोग से लड़ने की क्षमता का विकास होता है। इसलिये सभी को इस अभियान के प्रति जागरूक होकर समय पर अपने बच्चों का टीकाकरण कराते रहना चाहिये। 

एचईओ यूसुफ शाह ने बताया कि जिले में इस अभियान के साथ नियमित टीकाकरण भी जारी रहेगा जिसके लिये सभी सीएचसी/पीएचसी स्थलों पर प्रर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है।

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