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“आशा” रोगों की पहचान कर स्वास्थ्य विभाग को करेंगी सूचित, होगा निःशुल्क इलाज़

मऊ। राष्ट्रीय स्वाथ्य मिशन के अंतर्गत गैर संचारी रोगों जैसे कैंसर, हृदयरोग, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज़ आदि की रोकथाम हेतु रानीपुर सामुदायिक केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं के जनपद के प्रथम बैच के प्रशिक्षण की शुरुआत सीएमओ डॉ. सतीशचन्द्र सिंह द्वारा की गयी। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में खुरहट, पलिगढ़, सरसेना, मिर्जापुर, चिरैयाकोट की आशा कार्यकर्ताओं को गैर संचारी रोगों को पहचानने के गुर सिखाये जाएंगे।
इस संदर्भ में डीसीपीएम संतोष सिंह ने कहा कि 30 वर्ष से ऊपर के अधिकांश लोगों  को गैर संचारी रोगों की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे ही रोगों की पहचान के लिए आशाओ को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र सभी आशा अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे परिवारों का चयन करेंगी, जिनमें 30 वर्ष या उससे ऊपर आयु वर्ग के महिला और पुरुष रहते हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर आशा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर इनकी जाँच कराएंगी। जाँच में ऐसे रोगी जो गैर संचारी रोग से ग्रसित पाए जाएंगे उनका नि:शुल्क उपचार स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू होगा। साथ ही सभी मरीजों का स्टेटस आनलाइन रिकार्ड दर्ज रहेगा।
गैर संचारी रोगों के बारे में बताते हुए प्रशिक्षक डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि सामान्य भाषा में ऐसा रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है गैर संचारी रोग कहलाता है। ऐसे गैर संचारी पांच रोगों की पहचान और रोकथाम के लिए आशाएं काम करेंगी। इन रोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर शामिल है। ये सभी रोग खान-पान तथा रहन सहन के स्तर पर निर्धारित होते हैं।
इस अवसर पर बीसीपीएम हूमेरा ख़ातून, प्रशिक्षक सत्येन्द्र सिंह, स्वाथ्य शिक्षा अधिकारी समेत आशा सुनीता, कमला देवी, सुशील यादव, रीना सिंह, अनुराधा सिंह, सरोज, निशा एवं अन्य आशा कार्यकर्त्ता मौजूद रहीं।

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