खाद्य सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी : एसके त्रिपाठी
मऊ। खाद्य सुरक्षा सब की जिम्मेदारी, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर जनपद मुख्यालय पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जनपद मऊ की तरफ से शुक्रवार को एक प्लाजा में जनपद के व्यापारियों, व्यापार मंडल एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की एक नागरिक को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने को लेकर गोष्ठी का आयोजन हुआ।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एसके त्रिपाठी ने कहाकि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मुहैया कराने एवं खाद्य जनित खतरों को रोकने, पता लगाने और उनके प्रबंधन में मदद, खाद्य संरक्षा में योगदान, मानव स्वास्थ, आर्थिक समृद्धि, कृषि बाजार में पहुंच, पर्यटन और सतत विकास की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित खाद्य क्यों आवश्यक है इस से क्या-क्या बीमारियां होती है इसके निदान के बारे में भी उन्होंने बताया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरके दीक्षित ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य पदार्थ से होने वाली बीमारियां गैस्ट्रो फूड प्वाइजनिंग एवं जल जनित बीमारियां दूषित पानी को ना पिए इससे पीलिया जोंडिस टाइफाइड जैसी बीमारियां होती है। इससे बचाव के बारे में उन्होंने बताते हुए कहाकि ई ट्राइड के विषय में आप सभी को जानकारी देना अति आवश्यक है। व्यापारियों को रुको के बारे में भी जानकारी दी। विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने व्यापारियों को से कहा कि किसी भी खाद्य पदार्थ को एक बार प्रयोग जिसमें खासतौर से तेल रिफाइन आती है एक बार प्रयोग करने के पश्चात बचे हुए खाद्य तेलों को फिर से दोबारा प्रयोग में लाया जाए। इसके पूर्व जनपद के विभिन्न तहसीलो ग्रामीण अंचलों से आए हुए व्यापारियों को व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर उमर द्वारा विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की शपथ दिलाई गई एवं अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हम सभी व्यापारी की भी जिम्मेदारी बनती है कि सब को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराएं।
इस अवसर पर डॉक्टर रामगोपाल, कन्हैया लाल जायसवाल, श्रीराम जायसवाल आदि ने भी गोष्ठी में अपने विचार रखे ।
इस मौके पर श्याम सुंदर गुप्ता, दिलीप कुमार, संजय गुप्ता,संतोष कुमार, श्रवण कुमार, हरिश्चंद्र, मनोज कुमार, हरिशंकर जायसवाल, जगदीश प्रसाद, प्रदीप गुप्ता, राजीव कुमार, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार समेत जनपद के विभिन्न तहसीलों से आए सैकड़ों की संख्या में व्यापारी उपस्थित थे।

