काम की बात

बाबा रामदेव को विनम्रता के साथ एलोपैथी को नाकाम बताने वाला अपना बयान वापिस लेना चाहिए

( राजेंद्र सिंह जादौन )

कोरोना से मानव समुदाय के घमासान के दौर में बाबा रामदेव ने एलोपैथी के नाकाम होने की बात कहते हुए अनावश्यक बहस छेड़ दी है। इसका कोई नतीजा भी नही निकलना है। बेहतर होता कि बाबा रामदेव अपने पतंजलि समूह की ओर से कोविड अस्पताल खुलवाते और संकट के दौर में लोगो को राहत पहुंचाते। आयुर्वेद और योग चिकित्सा का अपना महत्व है लेकिन आधुनिक चिकित्सा पद्धति एलोपैथी का अपना महत्व है। ऐसे तमाम रोग है जिनसे जीवन रक्षा के लिए एलोपैथिक इलाज अनिवार्य है। किसी एक चिकित्सा पद्धति की श्रेष्ठता तो तभी स्थापित की जा सकती है जबकि सभी रोगों में उसके जरिए इलाज किया जा सके और लोगो का जीवन सुरक्षित रखा जा सके। आज जो भी चिकित्सा पद्धतियां है वे सभी एक दूसरे की पूरक है। बाबा रामदेव को विनम्रता के साथ एलोपैथी को नाकाम बताने वाला अपना बयान वापिस लेकर अपने योगी होने का प्रमाण प्रस्तुत करना चाहिए।

लेखक- चंडीगढ़ में पत्रकार हैं

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