योगी सरकार के इशारे पर दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं पर हमले कर रही है पुलिस : माले
मऊ। भाकपा (माले) ने सोमवार को सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज के भाकपा (माले) नेता मोहम्मद कलीम और उनकी नाबालिग बेटी और पत्नी की असंवैधानिक गिरफ्तारी के खिलाफ मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।बचाव में आयी बेटी को भी पीटा, पुलिस पर हमले का एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा। भाकपा(माले) के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि सोनभद्र जिले के रार्बट्सगंज पुलिस ने 5 जून को दोपहर मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं भाकपा माले नेता मो. कलीम को एक अस्पताल से गिरफ़्तार कर उनको मारते-पीटते घसीटते हुए थाने ले गयी। थाने में कलीम और उनकी बेटी को पीटा गया। बाद में पुलिस पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर मो. कलीम को जेल भेज दिया गया।लकवे की बीमारी के नाते कलीम चल फिर पाने में असमर्थ हैं और व्हील चेयर से चलते हैं। वह फिजियोथेरपी कराने अस्पताल में गए थे। पुलिस ने दर्ज एफआईआर में कलीम की पत्नी और इंटर में पढ़ने वाली बेटी को भी अभियुक्त बनाया है। उन्होंनें कहा कि 5जून को पर्यावरण दिवस पर कलीम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मजूदरों और किसानों की समस्याओं के सम्बन्ध में एसडीएम को ज्ञापन देने गए थे। ज्ञापन देने के बाद वह अस्पताल में फिजियोथेरेपी के लिए गए। साथ में उनकी सहायता के लिए बेटी अमीना थी। कुछ देर बाद रार्बट्सगंज के इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और उन्हें घसीट कर ले जाने लगे। कलीम और उनकी बेटी ने इसका विरोध किया तो उन्हें पीटा गया। पुरूष पुलिस कर्मी ने अमीना को थप्पड़ मारे। थाने लाने के बाद कलीम को फिर पीटा गया। महिला पुलिस से अमीना केा पिटवाया गया।थाने लाए जाने के कुछ देर बाद अमीना को जाने दिया गया लेकिन कलीम को पुलिस ने धारा 332,353,504,427 और 336 के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। यह धाराएं कलीम की बेटी और उनकी पत्नी पर भी लगाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए प्रदेश में दमन का रास्ता अख्तियार कर रही है, करोना कि दूसरी लहर की वैज्ञानिक चेतावनी और सलाह को खारिज कर कुंभ मेला और पंचायत चुनाव का आयोजन कर हजारों हजार नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ करने वाली योगी सरकार अपनी नाकामी को छिपाने के लिए सच्चाई की आवाज को दबाने के लिये प्रदेश में पुलिस दमन का सहारा ले रही है।पत्रक देने वालों मे शिवमूरत, कल्पनाथ,हारिश्चन्द, देवनाथ यादव शामिल थे।

