महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कम्यूनिस्ट नेता, पूर्व सांसद जयबहादुर सिंह की पुण्य तिथि मनाई गई

मऊ। वामपंथी दलों से जुड़े संगठन एवं दलों नें महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता, घोसी लोग सभा के पूर्व सांसद व शहीद-ए-उर्दू का0 जयबहादुर सिंह के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित उनकी विशाल कान्स्य प्रतिमा के नीचे भारी संख्या में उपस्थित होकर उनकी पुण्य तिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हे पुष्पांजलि देकर गगन भेदी नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की।
का0 जयबहादुर सिंह की प्रतिमा के नीचे आयोजित सभा को भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान, पूर्व विधायक इम्तेयाज अहमद, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य विनोद राय भाकपा, के जिला मंत्री रामसोच यादव, महिला फेडरेशन की नेता मनोरमा देवी भाकपा माले के नेता रामनवल सिंह, एटक नेता श्रीराम सिंह, उत्तर प्रदेश खेत मजदूर युनियन जिलाध्यक्ष सुबाष गौतम, बुनकर नेता का0 अनीस अहमद अंसारी, मऊनगर पालिका सदस्य फकरे आलम, व ट्रेड युनियन के नेता रामअवतार सिंह, किसान नेता रामकुमार भारती, रामनरायन सिंह, उनके व्यक्तित्व को कृतित्व को याद किया।
भाकपा के राष्ट्रीय सचिव का0 अतुल अंजान नें जयबहादुर सिंह की स्वतंत्रता संग्राम तथा जमीदारान जुल्म के खिलाफ उनके बलिदानी संघर्षों को उन्हे शोषितों, वंचितों, दलितों, पिछड़ों, तथा छोटे किसानों, के अग्रणी नेता के रूप में स्थापित किया। पूर्व विधायक इम्तेयाज अहमद नें उन्हे उर्दू भाषा को तिसरी राजकीय भाषा के रूप में स्थापित करनें के संघर्ष में अपनी अन्तिम कुर्बानी दी। तथा जनता आज भी उन्हे शहीद-ए उर्दू के खिताब से नवाजती है।
भाकपा के जिलामंत्री रामसोच यादव नें देश के वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य की चर्चा करते हुए कहा कि मौजूदा अर्द्धफाॅसीवादी एकाधिकारी सत्ता एवं निजाम के खिलाफ देश की मजदूर किसान, व शोषित दलित देश में आक्रोषित हैं तथा सरकार के दमन चक्र को झेलते हुए सिद्धत के साथ अपने संघर्षों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होने कहा कि पूॅजीपति व कट्टरवादी हिन्दुत्व की पार्टी के खुले एजेण्डे के खिलाफ श्रमिक अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के सवालों का मॅहगाई व कोविड के सामने आयी विनाशकारी तबाही के खिलाफ संघर्षों को तेज करना ही का0 जयबहादुर सिंह की वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से रामअवतार सिंह, श्यामबहादुर चैहान, रामनारायन सिंह, हेसामुद्दीन, रामकुमार भारती, फकरेआलम, अनीस अहमद, सुबाष चन्द्र गौतम, रामनवल सिंह, विष्णु देव गुप्ता, उजपाती राजभर, सीताराम यादव, रामजन्म राजभर, छविलाल शर्मा, जयप्रकाश राम,अतवारी देवी, फुलमती देवी, शमशुद्दीन नेता रोटी वाले, सुग्गन यादव, श्यामबहादुर चैहान, शिवमूरत गुप्ता, विनोद राय, छविनाथ शर्मा, बन्धु राम, आदि लोग उपस्थित रहे।



