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1.5 करोड़ का हिसाब नहीं मिलने पर बाप ने इकलौते बेटे को जिंदा जलाया

० हैवानियत की हद है, कैसे-कैसे लोग, क्या-क्या कर जाते हैं…


कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बहुत ही दर्दनाक खबर व खौफनाक वीडियो सामने आया है। जिसमें वाल्मीकि नगर के रहने वाले पिता सुरेंद्र कुमार उर्फ बाबू ने अपने ही इकलौते बेटे अर्पित को व्यवसाय में 1.5 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं मिलने से नाराज होकर जिन्दा जला दिया। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि घटना एक अप्रैल की है। युवक की मौत के बाद पड़ोसी ने घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराया। इसके बाद मामला प्रकाश में आया। 

घटना का चश्मदीद बना सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि अर्पित गोदाम से बाहर आता है। उसके पीछे उसके पिता सुरेंद्र भी आते हैं। सुरेंद्र अर्पित के पास पहुंचते हैं और माचिस की तीली जलाकर उसपर फेंकते हैं। संयोग से आग नहीं लगती है। बचने के लिए अर्पित पीछे हटता है, लेकिन पिता सुरेंद्र फिर उसके पास पहुंच जाते हैं और माचिस की दूसरी तीली जलाकर फेंकते हैं। इस बार अर्पित के शरीर में आग लग जाती है। आग की तेज लपटें उठती हैं। बचने के लिए अर्पित कॉलोनी में दौड़ता है। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और आग बुझाया, लेकिन तब तक अर्पित 60 फीसदी जल गया। उसे विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरेंद्र कन्ट्रक्शन और फेब्रिकेशन व्यवसाय के मालिक हैं। अर्पित उनकी सहायता करता था। अर्पित कथित तौर पर कुछ खाता-आधारित जानकारी का खुलासा करने में विफल रहा था। घटना के वक्त वह अपने पिता की दुकान संभाल रहा था। पिता सुरेंद्र के साथ हिसाब किताब में अर्पित लगभग 1.5 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे सका, इससे उसके पिता आग बबूला होकर अपने इकलौते बेटे पर ज्वलनशील पेंट थिनर फेंककर दिया अर्पित बचाव में भागा तो जरूर, लेकिन पिता की पहली माचिस की तिल्ली जब अर्पित को छू न सकी तो उन्होंने दूसरी तिल्ली से उसे जिंदा जला दिया। पुलिस की जांच के मुताबिक पिता-पुत्र के बीच पिछले कुछ महीनों से पैसों को लेकर बार-बार विवाद हो रहा था। चामराजपेट पुलिस ने सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पड़ोसी अंबरीश की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

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