सपाजनों ने सुखदेव राजभर को दी श्रद्धांजलि

मऊ। सपा कार्यालय पर दिनांक 20 10 2021 दिन बुधवार समय 12:00 बजे विधानसभा अध्यक्ष राम प्रकाश यादव उर्फ बबलू की अध्यक्षता में पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय सुखदेव राजभर शोक सभा संपन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वर्गीय सुखदेव राजभर 5 सितंबर 1951 को आजमगढ़ के गरीब परिवार में जन्म हुआ था सुखदेव राजभर मई-जून 1991 , 11वीं विधानसभा के चुनाव में पहली बार विधायक चुने गए और 5 बार विधान सभा पद पर मनोनीत हुवे। लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं मऊ नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष अरशद जमाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि पहली बार 1991 में यह विधानसभा के लिए चुने गए और लगातार उत्तर प्रदेश की 11 वीं, 12 वीं,14 वीं एवं 15 वीं और 17 वीं विधानसभा में विधायक पद पर चुने गए थे इसी दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और वंचित जन्मजात से संबंधित संयुक्त समिति का सदस्य मनोनीत किया गया था। मुलायम सिंह यादव के सरकार में पहली बार मंत्री बने साल 2003 तक सुखदेव राजभर में मायावती की सरकार में संसदीय कार्य, वस्त्र उद्योग विभाग का कार्यभार संभाला विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सुखदेव राजभर 2007 के 2012 तक विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका निभाई इस भूमिका में भी वह सफल रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुखदेव राजभर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सभी परंपराओं और नियमों की गहरी जानकारी थी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सुखदेव राजभर के के आवास पर जाकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परिवार जनों को इस दुख: की घड़ी में धैर्य रखने की नसीहत दी। पूर्व जिला जिला अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अल्ताफ अंसारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि सुखदेव राजभर ने अपने सियासी सफर में कांशी राम के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी पर अपने अंतिम दिनों में बीएसपी की मौजूदा हालत से वे बहुत दुखी वह अपने बेटे की राजनीतिक भविष्य को लेकर इतने चिंतित थे कि उन्होंने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर अपने बेटे पप्पू राजभर को उनके सुपुर्द करने की बात कही इसके बाद पप्पू राजभर ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली पूर्व जिला अध्यक्ष शिव प्रसाद यादव मुन्ना ने अपने वक्तव्य में कहा कि सुखदेव राजभर के सबसे करीबी माने जाने वाले पूर्व विधायक राम अचल राजभर कहा करते थे कि उनकी जगह कोई नहीं ले सकता सभी छोटे-बड़े को सम्मान देना जानते थे उनको संसदीय परंपराओं का भी बहुत ज्यादा ज्ञान था उन्होंने बताया कि जब कभी सदन में ज्यादा गर्मा गर्मी होने लगती थी तो स्पीकर के रूप में ऐसी कोई बात कर सबको हंसा देते थे जिससे माहौल हंसी का हो जाए और अंत में स्वर्गीय राजभर जी की शोक सभा में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया आज की शोक सभा में मुख्य रूप से जिला महासचिव कुद्दूस अंसारी, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष धीरज राजभर ,सपा नेता विजय राजभर ,गीता देवी, मुरलीधर यादव, दिलीप पांडे रवि यादव, शंभू सोनकर ,आलोक यादव, विनोद राजभर ,शाहनवाज आलम ,राहुल निषाद,रामाश्रय यादव, दिनेश यादव आदि नेता उपस्थित थे l

