आप ने कृषि के काले कानून को वापस लेने व लखीमपुर की घटना में दोषियों को सजा दिलाने के लिए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा

मऊ । लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे 4 किसानों को केंद्रीय राज्य मंत्री के समर्थकों के वाहन द्वारा रौंदकर की गई हत्या को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला महासचिव सुशील चौधरी के नेतृत्व में पार्टी के लोगों ने सोमवार को महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन पत्र अपर जिलाधिकारी को दिया।
इस अवसर पर जिला महासचिव सुशील चौधरी ने कहा कि देश का अन्नदाता किसान पिछले 10 महीने से धरने पर बैठा है और लगभग 650 किसानों ने या तो आत्महत्या की है या गोलियों से भून दिया गया है भारत सरकार से एक ही मांग है कि कृषि के तीनों काले कानूनों को वापस लिया जाए दरअसल यह काले कानून किसानों की मौत का फरमान है।
श्री चौधरी ने ज्ञापन पत्र के माध्यम से लखीमपुर खीरी में किसानों की हुई हत्या की सीबीआई से जांच कराने और किसानों के हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मुहम्मदाबाद गोहना विधान सभा के प्रभारी एवं प्रत्याशी अंकित कुमार राव ने कहा कि कृषि के तीनों काले कानून को लेकर देश के किसानों में भारी आक्रोश है क्योंकि इन तीनों काले कानून से उन पूंजपतियों को फसलों के असीमित भंडारण के अधिकार दिए गए हैं इसके चलते जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ेगी और आम अन्नदाता किसानों की स्थिति सुधारने की जगह पूंजपतियों के खजाने में वृद्धि होगी।
सदर विधानसभा के प्रभारी एवं प्रत्याशी विक्रमजीत सिंह ने लखीमपुर खीरी की घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि भाजपा सरकार में किसानों की हत्या की घटना बहुत ही तेजी के साथ बढ़ती जा रही है।
यूथ प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव संजय यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों की भाजपा मंत्री के समर्थकों के वाहन काफिले से रौंदकर हुई हत्या भारत के लिए बहुत ही शर्मनाक घटना है।
ज्ञापन देने वालों में जिला संगठन संयोजक एके सहाय, अधिवक्ता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अक्षय कुमार गौतम, त्रिभुवन प्रसाद मौर्य, वाचस्पति मिश्र, जय प्रकाश साहनी, रवि राजभर आदि लोग प्रमुख रूप से रहे।

