मऊ के अमित कुमार बिहार में बने पीसीएस अधिकारी, किया मऊ का नाम रोशन
(आनन्द कुमार)
मऊ। सपने अभी और भी हैं, चलते चले जाना है, मंजिल अभी और भी हैं यह तो महज एक फंसाना है। अपनो का दिया हौसला लेकर मन में अनेको सपने पाल जुनूनी इरादों की बदौलत कड़ी मेहनत से अगर कुछ सोचा जाये, किया जाये तो मंजिल मिलनी ही है। अपने इन्हीं हौसलों की बदौलत मऊ जनपद के माटी के लाल ने बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में 538 वां रैंक (जनरल कैटिगरी) में पाकर जनपद सहित पूर्वांचल को गौरवान्वित किया है।
जनपद के ग्राम रामपुर बखरियां, पोस्ट- खुरहट निवासी मुसाफिर यादव के पुत्र अमित कुमार ने बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में 538 वां रैंक (जनरल कैटिगरी) में पाकर परिजनों, शुभचिंतकों व मऊ सहित पूर्वांचल का नाम रोशन किया है। अमित कुमार को बिहार पीसीएस में प्रोबेशन अधिकारी का पद मिला है।
अमित कुमार की प्राथमिक शिक्षा आइडियल कॉन्वेंट एजुकेशन सेंटर, गोपीगंज, भदोही व
हाईस्कूल स्वामी विवेकानंद बाल विद्यालय, गोपीगंज, भदोही, इंटरमीडिएट- जमुना क्रिश्चियन कॉलेज, इलाहाबाद में हुयी है। इसके अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भूगोल, दर्शनशास्त्र डिफेंस स्टडीज विषय से प्रथम श्रेणी में स्नातक की परीक्षा पास कर, पूर्वांचल विश्वविद्यालय से भूगोल में परास्नातक प्रथम श्रेणी में परास्नातक किये हैैं।
श्री कुमार ने उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद दिल्ली के नेहरू विहार, मुखर्जी नगर इलाके में रहकर प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी की। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता को देते हुए कहा की उनके ही हौसला आफजाई की वजह से उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ। उन्होंने बताया कि उनके पिता मुसाफिर यादव पुलिस विभाग में कांस्टेबल ड्राइवर के पद से सेवानिवृत्त हैं और रिटायरमेंट के बाद गांव में ही किशोर मेमोरियल आईटीआई की स्थापना कर उसका संचालन कर रहे हैं। बताया कि पिताजी की तरह मैं भी पुलिस की वर्दी पहनकर सामाजिक चुनौतियों का सामना करना चाहता था। लेकिन अभी मौके और भी हैं, लक्ष्य हासिल करने का प्रयास जारी रहेगा। मेरी इस कामयाबी का श्रेय रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और मित्रगण को भी हैं। जिनके उत्साहवर्धन के बगैर ये सफलता मुमकिन नहीं थी।
अमित कुमार ने बताया कि मेरी इस सफलता का श्रेय बहनोई हरिश्चंद्र यादव (प्रबंधक, श्रीकृष्णा अंबेडकर डिग्री कॉलेज, मधुबन) को भी है। जिनसे समय-समय पर गाइडेंस और हौसला मिलता रहा। साथ ही बड़े भाई अजीत यादव (सीनियर प्रोड्यूसर, इंडिया टीवी, नोएडा) को भी है, जो दिल्ली में पढ़ाई के दौरान हर सुख-दुख में हमारे पीछे चट्टान की तरह खड़े रहे। इस सफलता के बाद अब अगला टारगेट यूपी पीसीएस में चयन है। 2016 की मेंस परीक्षा का मेरा रिजल्ट कुछ ही दिनों में आना है। उम्मीद है मेहनत और सबकी हौसला आफजाई से ये लक्ष्य भी हासिल हो जाएगा।

