अन्तत: जिन्दगी हार गयी अंजू, भीमा को छोड़ गयी तन्हां
मऊ। दिल के अरमां आसुओं में बह गये, हम वफा करके भी तन्हा रह गये। जिन्दगी एक प्यास बनकर बह गयी, प्यार के किस्से अधूरे रह गये। कुछ ऐसी ही जिन्दगी हो गयी आज पत्रकार अरुण सिंह भीमा की। जब किसी की जिन्दगी रूठती है और वह कहीं आस-पास हो तो उसे मनाया भी जा सकता है और जब कोई जिन्दगी रूठे भी नहीं और सदा-सदा के लिए अपने प्यार को तन्हांं छोड़ कर चली जाए तो सचमुच दिल के अरमां आसुओं में बह जाते और प्यार के किस्से अधूरे रह जाते।
क्या बीत रही होगी अरूण कुमार सिंह भीमा पर व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं है। आखिरकार भीमा की धर्म पत्नी अंजू सिंंह भीमा सहित सम्पूर्ण परिवार को अलविदा कहते हुए रविवार को अपने अपने जीवन की अंतिम सांस काशी में ली।
भगवान को जो मंजूर होता है वही होता है हम आप तो सिर्फ ईश्वर के इशारे की मात्र कठपुतली हैं। लम्बे समय से कैंसर से जूझ रही श्रीमती अंजू सिंह के लिए पत्रकार अरुण सिंह भीमा ने क्या नहीं किया। अपनी पत्नी के इलाज के लिए मुंबई से लेकर बनारस, मऊ तक की दूरी चुटकी में तय की।
किसे लगाऊंगा अबीर, किसके संग खेलूंगा होली,
तुम ही तो पत्नी थी और तुम ही थी मेरी सहेली।
लेकिन जो मंजूर था रविवार को वही हुआ, सुबह 50 वर्षीय अंजू सिंह ज़िन्दगी की जंग हार गई और मौत जीत गई। पत्रकार अरुण सिंह ने अपनी पत्नी को बचाने के लिए अथक और हरसंभव प्रयास किया, पर काल के कपाल पर तांडव कर रही मौत से अंततः दोनो ही हार गए और अरुण सिंह को शोकाकुल छोड़ कर अंजू सिंह परलोक सिधार गई।
है कुदरत का खेल यह, यही सच है तू मान ले,
रख हौसला और हिम्मत से बस तू काम ले।
यादों को संजो ले तू, बस यही अब ठान ले,
आंसुओं को सहेज, दिल के टुकड़ों को संभाल ले।
पत्रकार अरुण सिंह भीमा की पत्नी की मृत्यु पर शोक संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लगा हुआ है। इनकी मृत्यु से मऊ के पत्रकारों में भी शोक की लहर दौड़ गई। शोक संवेदना व्यक्त करने वालो में पत्रकार हरिद्वार राय, प्रदीप सिंह, आनन्द कुमार, अजय सिंह, श्रीराम जायसवाल, रविन्द्र सैनी, दुर्गा किंकर सिंह, वेद मिश्रा, विजय मिश्रा, लोकेश अवधराज सिंह, अभिषेक मिश्रा, मो. अशरफ, पुनीत श्रीवास्तव, सरफराज अहमद, डॉ. आजाद नोमानी, आलोक सहित शासकीय अधिवक्ता राजेश सिंह राज, प्रमोद साहनी, भाजपा नेता मुन्ना दूबे, संतोष सिंह, सुनील दूबे सोनू, राकेश तिवारी आदि ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की।
अरूण सिंह भीमा परिजनों व शुभचिंतकों के साथ स्व. अंजू सिंह का पार्थिव शरीर लेकर वाराणसी से दोपहर 1:30 बजे मऊ परदहां काटन मिल स्थित अपने आवास के लिए चल दिये हैं। लगभग 4 से 4:30 बजे तक पंहुचेंंगे और यहां कुछ देर रूकने के पश्चात स्व. अंजू सिंह की शवयात्रा अंतिम संस्कार के लिए देर शाम को गाजीपुर गंगा तट पर जाएगी।

