मधुमेह महामारी का रूप ले रही है : डा. रामपुकार सिंह
रतनपुरा/मऊ। नेत्र सर्जन डॉक्टर रामपुकार सिंह ने बताया कि मधुमेह महामारी का रूप ले रही है। आम आदमी की बदलती दिनचर्या और खानपान में बहुलता इसका प्रमुख कारण है। इसके साथ ही कठोर परिश्रम से पलायन करना भी इस रोग को सीधे तौर पर निमंत्रण देना है।
उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पूर्व विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मधुमेह के बढ़ते मरीजों की संख्या पर भयावह रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में मधुमेह भयावह रूप धारण करेगा ,तथा महामारी का रुप ले लेगा। उस समय विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट को लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन अब लोगों को समझ में आने लगा है कि यह एक साइलेंट किलर है। इसके साथ ही फसलों में अंधाधुंध रासायनिक उर्वरक तथा कीटनाशकों का प्रयोग भी इसके बढाव का मूल कारण है। डॉक्टर रामपुकार सिंह ने आगे कहा कि जीवन के विविध क्षेत्रों में लोगों की बदलती दिनचर्या भी स्वास्थ्य के साथ एक तरह से खिलवाड़ है, लोगों में जवान दिखने की खूब ललक पैदा हो गई है। जिसके लिए तरह-तरह के रासायनिक प्रयोग हो रहे हैं ,जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है। प्रकृति ने हमें जो परिस्थितियां और प्राकृतिक बनावट दी है ,उसके साथ छेड़छाड़ करना हम सभी को महंगा साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति काफी चुनौतियां लिए हुए हैं , देश के प्रधानमंत्री नोटबंदी और जीएसटी लागू करके अपना व्यापक प्रभाव भारतवासियों पर छोड़ा है ,अगर कर्नाटक की राज्य सत्ता उन्हें प्राप्त हो जाती है ,तो उन्हें भारत की दशा और दिशा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। जैसे जैसे लोगों पर नियंत्रण कसा जा रहा है, वैसे वैसे लोग परेशानी महसूस कर रहे हैं , क्योंकि खुले तौर पर घूमने वालों पर जब नियंत्रण कसा जाता है तो उन्हें छटपटाहट होती है।
