गैंगेस्टर न्यायालय ने गिरोह के आरोपी सदस्य को पांच वर्ष आठ माह 15 दिन की कठोर सजा सुनाई
मऊ। न्यायालय एफ. टी. सी. प्रथम व विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट, मऊ के न्यायाधीश श्री राजीव कुमार वत्स की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त कन्हिया राम पुत्र बीरन राम निवासी चरुवा, थाना भीमपुरा, जनपद बलिया को पांच वर्ष आठ माह व 15 दिन कठोर कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित व अर्थदंड अदा न करने पर को 15 दिन का अधिक साधारण कारावास की सजा भुगतने का भी आदेश किया। उक्त प्रकरण यह है कि वादी मुकदमा एस एच ओ सुशील कुमार शुक्ला, थाना मधुबन जिला मऊ के द्वारा दिनांक 10.11.2017 को थाना स्थानीय में अभियुक्त जंग बहादुर पुत्र चंद्रदीप का एक संगठित गिरोह है और वह उसका गिरोह का सरगना है, उसके द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर संगठित तरीके से अपराध करके आर्थिक भौतिकी एवं बुनियादी लाभ प्राप्त करने हेतु लूट व चोरी का अपराध करते हैं इसी आधार पर उक्त गिरोह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस गिरोह का समाज में काफी भय एवं आतंक व्याप्त है, इनके भय और आतंक से जनता का कोई व्यक्ति इनके द्वारा किए गए अपराधों की सूचना पुलिस व न्यायालय में गवाही देने का साहस नहीं कर पाता है। उक्त मुकदमे में विवेचना उपरान्त विवेचक द्वारा आरोप साबित होने पर आरोप पत्र गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत माननीय न्यायालय में प्रेषित किया। आरोप पत्र के आधार पर उपरोक्त मुकदमे में आरोप न्यायालय में विरचित हुआ, जिसमें परीक्षण के दौरान अभियोजन द्वारा प्रथम साक्षी को परिक्षित गया। इसी स्तर पर अभियुक्त कन्हैया द्वारा अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप को स्वीकार करने की याचना की गई जिस पर न्यायालय द्वारा अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत साक्षी, कथन, दस्तावेज एवं मौखिक साक्ष्य का समयक अवलोकन करने के पश्चात और अभियोजन के तरफ से कृष्ण शरण सिंह विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट मऊ व बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनने के बाद अभियुक्त के खिलाफ दोष साबित पाते हुए उक्त सजा सुनाई।


