रचनाकार

कविता : अपराधी

@ अशोक कुमार यादव…

मैं पहले कुशाग्र मानव था,
लोगों ने बनाया मुझे पशु।
ईर्ष्या,द्वेष,जाति भेदभाव,
देख मंजर निकला आंसू।।

भ्रष्टाचार रूपी दानव हंसा,
देख मेरी गरीबी, विपत्ति।
तुम हो बहुत प्रवीण इंसान,
नहीं है तुम्हारे पास संपत्ति।।

तू कभी जीत ना पाएगा जंग,
जब तक नहीं दोगे न्यौछावर।
मिल बांटकर खाएंगे पद को,
हमारे पास है असीमित पावर।।

क्रोध में आकर मारा भ्रष्टता को,
मेरे हाथों में लग गई हथकड़ी।
कटघरा में खड़ा हूं कैदी बनकर,
सवाल बरस रहे थे घड़ी-घड़ी।।

क्यों मारा तुमने दुराचारिता को,
बिना इसके ना कोई काम बने।
झूठे गवाह खड़े हैं दरवाजा पीछे,
निर्दोष साबित कर दूं खड़े-खड़े।।

कविता का शीर्षक- श्रीराम

हे!रामचंद्र अयोध्या भूपति,
पतित-पावन, दीन दयालु।
वैदेही वल्लभ विश्व व्यापी,
मर्यादा पुरुषोत्तम कृपालु।।

नीति नियम निपुण सगुण,
नैतिक नैसर्गिक नवमी उदय।
सच्चिदानंद अनुगत पालक,
रघुवर सूर्यवंशी नव सूर्योदय।।

हिमवर्ण बदन अद्भुत सौंदर्य,
कंदर्प रूप अनुपम दिव्य छवि।
कुसुम वर्षण स्वर्गलोक गीर्वाण,
आनंद मंगल धाम क्षत्रिय मणि।।

सकल पुरुष प्रभु राम तुल्य हो,
नारी में गुण हो माता सीता की।
भारत वर्ष सुखद रामराज्य हो,
जन-जन गुरुमंत्र ले गीता की।।

कलियुग दशानन राज अनैतिक,
सत्यवादी राम कहां से मैं लाऊं।
नारी हरण कर रहा रोज लंकेश,
क्यों ना श्रीराम मैं ही बन जाऊं।।

कविता का शीर्षक- जयति मां दुर्गा भवानी

जयति मां दुर्गा भवानी, अष्ट बाहु सहस्त्र रूप धारिणी।
रोग,शोक, पाप नाशिनी, असुर महिषासुर संहारणी।।
काल,अतिकाल रूपणी, शाकिनी-डाकिनी गर्व मर्दिनी।
सार्वभौम जगत जननी, सुरूप निर्मल काया प्रदायिनी।।
विघ्नहरणी,पापनाशनी, चक्र,खप्पर,पिनाकधारिणी मां।
मतवाला मतंग चण्ड-मुण्ड, शीर्षहार ग्रीवा धारणी मां।।
नौ स्वरूपा, हरण व्यथा, सर्व सुख दात्रि दयानिधानी मां।
मनुज मन कांति, शांति, मुख प्रखर प्रचंड ज्वालनी मां।।
नित्य आरत,पाप स्वारथ, सकल संशय युगचालनी मां।
महासमर सिंहिनी स्वरूपा, दनुज विपिन विदारणी मां।।
मेघवन अंधियारे,सर्व उजियारे, जया,आद्या,भवमोचनी मां। दिव्य भाल,ललाट,भीषण, जहान्वी सा पतीत पावनी मां।।
विश्व रक्षिका,क्लेश नाशनी, युगमौना अमिय संचारणी मां।
विपत विफलनी, निरामयनी, सगर पुत्र काल तारिणी मां।।
खोल त्रिनेत्र दो दीर्घ आशीष, बिगड़े बनाए कल्याणी मां।
जन आकुलता हरण करो, भारत रत्नगर्भा संरक्षणी मां।।

कवि- अशोक कुमार यादव
पता- मुंगेली, छत्तीसगढ़ (भारत)
पद- सहायक शिक्षक
पुरस्कार- मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण ‘शिक्षादूत’ पुरस्कार 2020
प्रकाशित पुस्तक- ‘युगानुयुग’

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