अधिवक्ता ने एसडीएम पर लगाया कार्यालय में मारने-पीटने व गाली देने का आरोप, दिया थाने में तहरीर

मुहम्मदाबाद गोहना/मऊ। तहसील मे मुकदमे की जमानत को लेकर अधिवक्ता व उपजिलधिकारी से वाद विवाद हो गया। मारपीट भी की गई। पीड़ित अधिवक्ता अर्शे आलम ने कोतवाल को तहरीर दिया कि मैं तहसील मे अधिवक्ता हॅूं। रामसिंह निवासी बरईपुर की 151 मे 3 दिन पूर्व चालान गई थी, जिसे उपजिलाधिकारी द्वारा जेल भेज दिया गया है। मैं रामसिंह की जमानत के लिए आज शनिवार को प्रार्थना पत्र दिया था। लगभग 1ः30 बजे उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना आशुतोष राय द्वारा मुझे अपने चेम्बर मे बुलाया गया और कहा गया कि रामसिंह की पत्नी राधिका देवी से आपने 7 हजार रूपया फीस लिया है। उसे वापस कर दिजिये, उसी को लेकर वाद विवाद हुआ और उपजिलाधिकारी आशुतोष राय ने मुझे जूते, लाठी, थप्पड से मारा जिससे मुझे काफी चोटे आई है। इसके बाद घटना को सुनकर अन्य अधिवक्ता भी आ गये और अधिवक्ताओ ने धरना प्रर्दशन नारेबाजी करने लगे।इतने मे उपजिलाधिकारी ने सीओ और कोतवाल को बुला लिया जिससे मौके पर काफी पुलिस बल मौजुद है।अधिवक्ताओ ने धरना देकर तहरीर पुलिस को दिया। उधर उपजिलाधिकारी मोहम्मदाबाद गोहना आशुतोष राय ने बताया कि पीडीत महिला राधिका देवी अपने पति रामसिंह निवासी बरईपुर खराटी मोहम्मदाबाद गोहना की जमानत कराने के लिए अधिवक्ता ने 7 हजार रू0 ले लिया था,वह गरीब महिला आकर मुझसे कही, मैने अधिवक्ता को बुलाकर रूपये वापस करने को कहा तो अधिवक्ता भडक गये,और वाद विवाद करने लगे। जिसको लेकर धक्का मुक्की हुई।

देर शाम तक अधिवक्ता धरने पर बैठे रहे,और जिलाधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। जानकारी पर पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मदाबाद गोहना राजकुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी नीरज कुमार पाठक मय फोर्स मौके पर पहुंच गए तथा धरना पर बैठे अधिवक्ताओं को समझाने बुझाने लगे, परन्तु अधिवक्ताओ ने उनकी बात को नही मानी और धरना पर बैठे रहे।अधिवक्ता संघ मोहम्मदाबाद गोहना के अध्यक्ष मु0 खालिद ने कहा कि जनपद से किसी बड़े अधिकारी के आकर वार्ता के पश्चात अथवा उपजिलाधिकारी आशुतोष राय के स्थानन्तरण तक धरना प्रर्दशन जारी रहेगा।
सायंकाल लगभग 5:00 बजे अधिवक्ताओं ने आपस में विचार-विमर्श कर पुलिस उपाधीक्षक मोहम्दाबाद गोहना राजकुमार सिंह को बताया कि रविवार को स्वतंत्रता दिवस होने के कारण हम वापस जा रहे हैं। सोमवार को आपस में वार्ता करने के पश्चात हम पुनः धरने पर बैठेंगे तथा आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता ने जमानत के लिए गए राधिका देवी के पैसे को वापस कर दिया है।



