पुण्य स्मरण

सात बार केन्द्रीय मंत्री रहने के बाद भी उनके पास न अपनी गाड़ी थी और ना ही बंगला, ऐसे थे छोटे लोहिया : मनोज पाण्डेय

मऊ। छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती पर दिनांक 5 अगस्त 2021 को जिले भर में समाजवादियों ने धूमधाम से मनाया। इस दौरान हर गांव औऱ मोहल्ले से साइकिल यात्रा भी निकाली गई जो तहसील मुख्यालयों पर समाप्त हुई। साइकिल यात्रा के प्रभारी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री व विधायक मनोज पांडेय ने सलाहाबाद मोड़ से साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वह खुद और जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव साइकिल चलाकर पार्टी कार्यालय पर पहुँचे जहाँ जनेश्वर मिश्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन् किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज पांडेय ने कहा कि पण्डित जनेश्वर मिश्र समाजवादी पार्टी के एक राजनेता थे। समाजवादी विचारधारा के प्रति उनके दृढ निष्ठा के कारण वे ‘छोटे लोहिया’ के नाम से प्रसिद्ध थे। वे कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्होने मोरार जी देसाई, चौधरी चरण सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चन्द्रशेखर, एच डी देवगौड़ा और इंद्रकुमार गुज़राल के मंत्रिमण्डलों में काम किया। सात बार केन्द्रीय मंत्री रहने के बाद भी उनके पास न अपनी गाड़ी थी और न ही बंगला। इनके नाम पर लखनऊ में एशिया का सबसे बड़ा सुन्दर पार्क सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के पुर्व युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा निर्माण कराया गया । इनसे प्रेरणा लेकर ही समाजवादी पार्टी 2022 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने कहाकि जनेश्वर मिश्र का जन्म 5 अगस्त 1933 को बलिया के शुभनथहीं के गांव में हुआ था। उनके पिता रंजीत मिश्र किसान थे। बलिया में प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद 1953 में इलाहाबाद पहुंचे जो उनका कार्यक्षेत्र रहा। जनेश्वर को आजाद भारत के विकास की राह समाजवादी सपनों के साथ आगे बढ़ने में दिखी और समाजवादी आंदोलन में इतना पगे कि उन्हें लोग ‘छोटे लोहिया’ के तौर पर ही जानने लगे। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक कला वर्ग में प्रवेश लेकर हिन्दू हास्टल में रहकर पढ़ाई शुरू की और जल्दी ही छात्र राजनीति से जुड़े। छात्रों के मुद्दे पर उन्होंने कई आंदोलन छेड़े जिसमें छात्रों ने उनका बढ-चढ़ कर साथ दिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय ने कहाकि श्री मिश्र हम लोगों के राजनीतिक गुरु थे। 1967 में उनका राजनैतिक सफर शुरू हुआ। वह जेल में थे तभी लोकसभा का चुनाव आ गया। छुन्नन गुरू व सालिगराम जायसवाल ने उन्हें फूलपुर से विजयलक्ष्मी पंडित के खिलाफ चुनाव लड़ाया। चुनाव सात दिन बाकी था तब उन्हें जेल से रिहा किया गया। चुनाव में जनेश्वर को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद विजय लक्ष्मी पंडित राजदूत बनीं। फूलपुर सीट पर 1969 में उपचुनाव हुआ तो जनेश्वर मिश्र सोशलिस्ट पार्टी से मैदान में उतरे और जीते। साइकिल यात्रा भदेसरा से लेकर कार्यालय पहुंचे विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और पूर्व जिलाध्यक्ष अल्ताफ अंसारी ने कहाकि श्री मिश्र के साथ उन्हें पार्टी का कार्य करने का अवसर मिला है। महंगाई के खिलाफ श्री मिश्र ने एक बार पूरे देश में आंदोलन छेड़ दिया परंतु आज दुर्भाग्य है कि कोई भाजपा के इस सरकार में आवाज भी नहि उठा रहा परंतु समाजवादी पार्टी अब चुप नहीं बैठेगी। पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र यादव साधू ने कहकि श्री मिश्र का समाजवादी पार्टी को सींचने में प्रमुख योगदान है। उनके रास्ते पर चलकर ही पार्टी आगे बढ़ेगी। युवजन सभा जिलाध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में रतन पूरा से चलकर पहसा चट्टी तक सैकड़ों साईकिल चलाया। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष एवं लोकसभा प्रत्याशी अरशद जमाल, शिवप्रताप यादव मुन्ना, जिलामहासचिव कुद्दुस अंसारी, योगेश तिवारी,रामधनी चौहान, वीरेंद्र चौहान, संजय पांडे, राजेन्द्र यादव, रामप्रकाश यादव बबलू,शोभा श्रीवास्तव,पूर्व प्रधान मनोज यादव,दिलीप पांडे, धीरज राजभर, शाहनवाज आलम,डा०ओमप्रकाश यादव, डा०रमेश कुमार, विरेन्द्र यादव,अर्विन्द दिवेदी, मुखतार हुसैन, अनिल यादव,अशोक यादव, मन्नू यादव पहलवान,अफजाल अहमद, संजय चौधरी,विनोद तिवारी, योगेश तिवारी, के.के पान्डेय, रमेश दूबे,विनय दिवेदी, धर्मेन्द्र यादव, रामनगीना यादव, श्रीकांत यादव, अनीस हलचल, राहुल गुप्ता, आलोक यादव, हबीब, रामदरश यादव, इक्बाल, वदूद, शम्भू सोनकर, रतनेश भारती, राजेन्द्र यादव आदि नेता उपस्थित थे।

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