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MAU CMO ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का किया शुभारंभ

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मऊ। कोरोना काल में संचारी रोगों से निपटने के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सतीश चंद्र सिंह ने वृहस्पतिवार को हरी झंडी दिखाकर किया । इस दौरान उन्होने फागिंग, सेनेटाईजेशन तथा छिड़काव वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । सीएमओ ने कहा कि यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। इसके साथ ही 12 से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान भी चलेगा, जिसमें आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों के बारे में समुदाय को जागरूक करेंगी । संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अन्तर्गत जनपद में साफ-सफाई, कचरा निस्तारण एवं छिड़काव तथा प्रचार प्रसार किया जायेगा जिससे शासन की नीतियों के अनुसार लक्ष्य की प्राप्ति हो सके। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं वेक्टर बार्न कंट्रोल डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ आरवी सिंह ने बताया - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एईएस/जेई रोकथाम एवं नियन्त्रण गतिविधियों के लिए जनपद, ब्लाक तथा पंचायत/ग्राम स्तरों पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए नोडल विभाग का कार्य करेगा। आशा, एएनएम तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से समय पर उपचार एवं संन्दर्भन के लिए समुदाय स्तर पर बुखार के मरीजों की ट्रैकिंग की जायेगी। जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया – आशा कार्यकर्ताओं को बुखार के मरीजों की ट्रैकिंग के लिए प्रशिक्षित किया गया है। 12 से 25 जुलाई तक दस्तक अभियान संचालित किया जायेगा। एईएस, जेई के केसेज की निगरानी के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके लक्षण दिखाई देते ही स्वास्थ्य केन्द्रों पर संदर्भन किये जाने का निर्देश है। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संजय कुमार मिश्र ने बताया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में वाहक के घनत्व का आंकलन, स्रोतों में कमी लार्वारोधी गतिविधियां तथा आवश्यकतानुसार फागिंग एवं छिड़काव बनाई गयी कार्ययोजना के तहत किया जायेगा।

क्या करें-
दिमागी बुखार का टीका जरूर लगवायें।
मच्छरों के काटने से बचें ,मच्छरदानी, मच्छर अगरबत्ती या क्वायल वगैरह का प्रयोग करें।
पूरी आस्तीन की कमीज, फुल पैंट व मोजे पहनें।
सुअरों को घर से दूर रखें।
रहने की जगह साफ सुथरा रखें एवं जाली लगवायें।
पीने के लिए ईण्डिया मार्का हैण्ड पम्प के पानी का प्रयोग करें।
पानी हमेंशा ढ़क कर रखें
छिछला हैण्ड पम्प के पानी को खाने पीने में प्रयोग न करें।
पक्के व सुरक्षित शौचालयों का प्रयोग करें।
शौच के बाद व खाने के पहले साबुन से हाथ अवश्य धोयें।
नाखुनों को काटते रहें। लम्बे नाखूनों से भोजन बनाने व खाने से भोजन प्रदूषित होता है।
दिमागी बुखार के मरीज को दाएं या बाएं करवट लिटाएं। यदि तेज बुखार हो तो पानी से बदन पोछतें रहें।

क्या न करें-
बेहोशी व झटके की स्थिति में मरीज के मुंह में कुछ भी न डालें!
झोला छाप डाक्टरों के पास न जायें!
घर के आस पास पानी इकट्ठा न होने दें!
इधर-उधर कूड़ा-कचरा व गंदगी न फैलायें!
खुले मैदान या खेतों में शौच न करें!

इस मौके पर खाद्य निरीक्षक नरेन्द्र कुमार, सत्य प्रकाश यादव, मलेरिया निरीक्षक रमेश चन्द्र यादव ,दीपक पाण्डेय, जेई कन्सल्टेन्ट डॉ उपेन्द्र सिंह व धर्मेश राय तथा मलेरिया विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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