मानव कल्याण हेतु कोरोना वैक्सीन से पेटेंट हटाने के लिए स्वदेशी जागरण मंच का जन जागरण अभियान
मऊ। कोरोना वैक्सीन के पेटेंट अधिकारों को शिथिल करने के लिए देशभर में स्वदेशी जागरण मंच अभियान चला रहा है इसी क्रम में एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन जिला इकाई मऊ के द्वारा गूगल मीट पर किया गया। इस बैठक में कोरोना वैक्सीन को पेटेंट फ्री करने के लिए डब्ल्यूटीओ की आगामी बैठक में भारतीय जनता का मत रखने के लिए एक पिटीशन डिजिटल हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है जिसमें अधिक से अधिक लोग ऑनलाइन लिंक पर अपना डिजिटल हस्ताक्षर करके कोरोना वैक्सीन को पेटेंट फ्री कराने के लिए अपना समर्थन दे रहे हैं। इसमें कोरोना वैक्सीन को पेटेंट मुक्त कराने के लिए चर्चा हुई इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठक श्रीमान अजय जी ने इस विषय को लेकर विशद वक्तव्य दिया जिसमें उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कोविड-19 से पूरा विश्व जूझ रहा है हमारा देश भी इस संकट से बचा नहीं है ।इस संकट से मुक्ति पाने का सबसे प्रभावी उपाय व्यापक पैमाने पर टीकाकरण है किंतु पेटेंट कानून के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। जैसा कि हम सभी जानते हैं की इस समय कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है और विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर भी आ सकती है ऐसे समय में कोरोना का टीकाकरण ही वह उपाय है जिससे वर्तमान समय में इस महामारी को मात दिया जा सकता है। इस समय में आईसीएमआर और भारत बायोटेक संयुक्त रूप से मिलकर कोवैक्सीन का निर्माण कर रहे हैं सिरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कोविशील्ड वैक्सीन का निर्माण कर रही है केवल तीन कंपनियां ही हैं जो वैक्सीन का निर्माण कर रही हैं जबकि भारत में लगभग 25 से अधिक फार्मा कंपनियां हैं जो पेटेंट कानून से राहत मिलने पर कोरोना वैक्सीन का निर्माण कर सकती हैं। वैश्विक स्तर पर डब्ल्यूटीओ पेटेंट के कानून मैं दिए गए प्रावधानों के तहत कोरोना वैक्सीन को शिथिलता दे सकता है। इसके लिए डब्ल्यूटीओ की बैठक जून के प्रथम सप्ताह में रखी गई है यदि डब्ल्यूटीओ ने कोरोना वैक्सीन को पेटेंट फ्री कर दिया तो इससे विश्व भर के तमाम विकासशील एवं गरीब देशों को वैक्सीन सुलभता से उपलब्ध हो जाएगी हम जानते हैं कि अभी दुनिया के 100 से अधिक देशों में 1% से भी अधिक वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है ऐसे में दुनिया के गरीबों को वैक्सीन सर्व सुलभ कराने के लिए एक ही उपाय है कि वैक्सीन को पेटेंट के कानूनों में शिथिलता देते हुए उसको सरलता से उपलब्ध कराए जा सके। कोरोना वैक्सीन को पेटेंट मुक्त करती है तो यह आसानी से सर्व-सुलभ उपलब्ध होगी जिससे कोरोना महामारी से लड़ने में सहायता मिलेगी। ध्यान रखना महत्वपूर्ण है की पेटेंट ही एकमात्र बाधा नहीं है। दवाओं आदि के उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापार रहस्य तक पहुंच भी महत्वपूर्ण है।इस अभूतपूर्व अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट पर लोगों के स्वास्थ्य को लाभ से ऊपर रखना ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर पेटेंट कानून के विरोध में एक व्यापक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है जिससे सर्वजन को लाभ हो। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संयोजक डाक्टर सर्वेश पांडेय, प्रांतीय सह-संयोजक डाक्टर चंद्र प्रकाश राय, जिला संयोजक पंकज तिवारी, जिला सहसंयोजक मुकेश जायसवाल, योगेंद्र नाथ चौबे, डॉ प्रशांत पांडेय, मृत्युंजय तिवारी, कमल कांत एवं विशाल पांडेय सहित दर्जनों कार्यकर्ता इस बैठक में उपस्थित रहे।

