रचनाकार

धर्म और सत्य का पाठ पढाना होगा

(कृष्णा भिवानीवाला)

” नवरात्र पर्व “

मिटा अज्ञान का अंधेरा
मेरे अन्तर्मन में ज्ञान का,
दीप ! जगमगाया
नवरात्रि का त्यौहार आया
चारो ओर हर्षो उल्लास
का माहोल है
छाया सारे जगत मे ,
करोना नामक असुर का
आतंक है फिर भी नही
खौफ किसी के मन मे
न ही कोई संवाद है
हे मां जगय जननी
नव दुर्गा करते स्वागत तेरा
हम सब एक जूट हो आज
माँ
एक नम्र निवेदन
मृत्युलोक के प्राणी करते
तुमसे आज है
माँ
एक बार फिर तुम्हें,
कालरात्रि रूप
धारण करना होगा
जगत मे छाये आतंकी
करोना असुर का वध
माँ तुमको करना होगा
मतिभ्रष्ट तेरी संतान को
धर्म और सत्य का
पाठ पढाना होगा।।

कृष्णा भिवानीवाला
बेहाला , कोलकाता !
9830110450

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