UP में 10 सीटों पर राज्यसभा चुनाव:BSP के रामजी ने किया नामांकन, BJP ने अभी तक नहीं उतारे उम्मीदवार
लखनऊ। बसपा के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर और बिहार के प्रभारी रामजी गौतम ने सोमवार को राज्यसभा के लिए विधानसभा के सेंट्रल हाल में अपना नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही अब उन अटकलों पर विराम लग गया है कि बसपा अंदरखाने में भाजपा का समर्थन कर रही है। अब भाजपा सिर्फ 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। ऐसे में बसपा प्रत्याशी की जीत आसान नहीं है। बता दें कि यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव नामांकन कर चुके हैं। नामांकन के दौरान पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि हमारी पार्टी के प्रत्याशी रामजी गौतम ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया है। हमें उम्मीद है कि वो जीतकर राज्यसभा जाएंगे। वहीं, बसपा प्रत्याशी रामजी गौतम ने कहा कि हम अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। बिहार चुनाव पर बोलते हुए रामजी गौतम ने कहा कि मायावती की दो सभाएं भी हुई हैं। उन दोनों विधानसभाओं में जिस तरह से लाखों की भीड़ इकट्ठा हुई, उसको देखते हुए अब यही लग रहा है कि हम लोग वहां पर भी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और हम लोगों को बिहार में भी सफलता जरूर मिलेगी। उत्तर प्रदेश के विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा की आठ और सपा की एक राज्यसभा सीट पर जीत तय है। बसपा और कांग्रेस अपने विधायकों की संख्या के आधार पर उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने की स्थिति में नहीं है, जिसके चलते भाजपा 9वीं राज्यसभा सीट भी जीतने की कवायद में जुटी थी। लेकिन बसपा प्रमुख मायावती ने अपना प्रत्याशी उतार दिया है, जिसके चलते अब राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है।
सपा ने एक बार फिर से प्रो. रामगोपाल यादव को अपना राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है, जिन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। सपा के विधायकों के आंकड़े के आधार पर रामगोपाल यादव की जीत तय मानी जा रही है। इसके बाद भी दस वोट अतिरिक्त होने के बावजूद सपा ने किसी अन्य प्रत्याशी को नहीं उतारा है। ऐसे में मायावती बसपा के रामजी गौतम को राज्यसभा चुनाव मैदान में उतारकर एक तीर से कई निशाना साधना चाह रही हैं।
राज्यसभा चुनाव में एक विधायक एक वोट होता है। मौजूदा समय में विधानसभा में सदस्यों की संख्या 396 है। इनमें बीजेपी के 304, एसपी के 48, बीएसपी के 18, अपना दल (सोनेलाल) के नौ, कांग्रेस के सात, सुभासपा के चार, निर्दलीय तीन, रालोद और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल का एक-एक सदस्य है। इसके साथ ही एक नाम निर्वाचित सदस्य है। नाम निर्वाचित सदस्य को राज्यसभा चुनाव में वोट का अधिकार नहीं होता। इस हिसाब से 395 सदस्यों के राज्यसभा चुनाव में वोट करने की संभावना है। राज्यसभा चुनावी गणित के हिसाब से 395 सदस्यों के आधार पर एक सीट के लिए 37 विधायकों की जरूरत होगी।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर 9 नवंबर को चुनाव होना है। वर्तमान में इन 10 सीटों में से तीन पर भाजपा का कब्जा है। 20 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई है, जो 27 अक्टूबर तक चलेगी। अभी तक भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है।

