काम की बात

“किस ओर जा रहा है आज का युवा?”

( वर्षा गलपांडे )

“इंसाफ की डगर पर बच्चों दिखाओ चलके,
ये देश है तुम्हारा नेता तुम्ही हो कल के।”

सोचिए आज के बच्चे इस तरह की धमकी दे रहे है तो उनकी मानसिकता क्या होगी और इसी मानसिकता के साथ यदि यही बच्चे भविष्य के नेता बनेंगे तो सोचिए क्या होगा इस देश का, समाज का?

ये पोस्ट पढ़कर की क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की बेटी को दुष्कर्म की धमकी दी गई है बहुत दुख हुआ और एक चिंता भी की महज़ 16 साल के बच्चे ने 5 साल की बच्ची के लिए घिनौनी धमकी दी केवल इस लिए की उस लड़की के पिता की क्रिकेट टीम हार गई थी।तो बहुत से प्रश्न आने लगे दिमाग़ में जो मेरी चिंता को बढ़ा दिए। प्रश्न ये कि….

1- 16 साल की उम्र में ऐसा करने का विचार इस बच्चे के मन में आना?

2-उस 5 साल की बच्ची का दोष क्या है जिसे दुष्कर्म शब्द का मतलब भी ना पता हो ऐसी धमकी मिले उसे?

3-5 साल की बच्ची का क्या दोष है कि उसके पिता देश के नामी क्रिकेटर है फिर क्यों?

4-हर इंसान फ़ेमस होना चाहता है ताकि ज़्यादा पैसे कमा सके और अपने परिवार का ख्याल रख सके और बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सके मग़र जब पिता को उसके फ़ेमस होने की वजह से उसकी बच्ची को धमकी मिलना तो सोचिए उस पिता को कैसा लगता होगा तो उस पिता का फ़ेमस होना सहीं है या गलत?

5-जिस बच्चे ने धमकी दी है आप सोचिए वो 12वी का छात्र है क्या इस बच्चे को क्रिकेट की सम्पूर्ण जानकारी हो सकती है भला?

6-अक्सर हम बच्चों की गलती के लिए परिवार के संस्कार पर प्रश्न करते है तो इस मामले में भी हमें उस बच्चे को नहीं परिवार पर और उनके संस्कारों पर प्रश्न उठाना चाहिए?

7-चलो ये तो फ़ेमस क्रिकेटर की बेटी को धमकी मिली थी जिसके लिए पूरे देश ने आवाज उठाई नेता हो या सामाजिक कार्यकर्ता या आम आदमी सब एक जुट हुए और पुलिस ने भी तत्काल मामला दर्ज कर बच्चे को गिरफ्तार भी कर लिया मग़र ऐसी धमकी न जाने कितनी ही बच्चियों को हर रोज,हर मिनट मिलती है उनके लिए कितनी आवाजें उठती है?

8-सबसे महत्वपूर्ण बात ये की आज कल इस तरह की खबरे आम हो गई है। जिसकी वजह से आज का समाज किस ओर जा रहा है,हमारे देश का भविष्य क्या होगा? हम बच्चों में ही भारत का भविष्य देखते है और बच्चे इस तरह की धमकियां दें तो?

9-आज सवाल हम पर,समाज पर,सरकार पर उठ रहे है ये बहुत ही संवेदनशील और गंभीर विषय है जिस पर हम सब को ही सोचने की जरूरत है।

10-इस तरह की घटना देखने के बाद आज के युवाओं की मानसिकता पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है?

ये इतना गंभीर मामला है फिर भी किसी की बेटी के साथ हो रहा है हमारे साथ थोड़ी,हमारे घर का मामला नहीं है,ऐसे मामलों से दूरी ही सहीं, ऐसा ही कुछ सोचते है न हम या न्यूज़ में इस तरह की खबरें जब आती है तब झट से चैनल बदल देते है मग़र उसकी गंभीरता को समझने की कोशिश कभी नहीं करते कभी ये नहीं सोचते कि हमारी बेटी के साथ ऐसा कुछ हो सकता है यदि कभी ऐसा हो तो हमारी बेटी उसका सामना कैसे करेगी?सेल्फ डिफेंस की क्लास लगाने का विचार कभी सोचते है?यदि उसके साथ कुछ ऐसा हुआ है तो हम कभी उसके साथ ऐसी कहते है नहीं?क्या हम माता-पिता के अलावा अपनी बच्ची के अच्छे दोस्त बनने का विचार करते है कि वो हमसे अपनी सारी बातें शेयर कर सके बिना डर के?

आज हमें खुद से इन सवालों के जवाब तलाशने होंगे और जवाब भी ख़ुद को ही देना होगा ताकि हम खुद से और अपनी बच्चियों से नज़र मिला सके।ये बात केवल फ़ेमस क्रिकेटर की बेटी की नहीं है बल्कि ये बात हर बेटी और उसके परिवार की है।इसलिए मिलकर हमें इस विषय पर सोचना है और जरूरी कदम भी उठाना है।

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