घाघरा का रिंग बांध टूटा, कई गांव प्रभावित, पांच की मौत अन्य की तलाश जारी
● मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता
मऊ। खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा की उफनती लहरों ने बुधवार को तबाही मचा दी। गजियापुर के पास रिंग बांंध टूटने से कई गाँव पानी से घिर गये,वहीं आधा दर्जन लोगों से भरी नाव घाघरा की लहरों में डूब गयी। देर सायं पांच के शव बरामद हो गये थे जिसमेें तीन मासूम हैैं, शेष की तलाश जारी थी। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, अएसडीएम लालबाबू दुबे घटना स्थल पर पहुंचकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना था।

बताया जाता है कि बुधवार की दोपहर गजियापुर ग्राम पंचायत के बगही के समीप सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित रिंग बांध टूटने से मिश्रौली, गजियापुर, कुंवरपुरवा, बरोहां गाँव जद में आ गये। वहीं घाघरा नदी के तटवर्ती ग्राम पंचायत चक्कीमुसाडोही में सायं चार बजे हवा के दबाव से नाव पलट गई। इसमें आधा दर्जन लोग सवार थे। जिसमें तीन बच्चे व दो महिलाएं डूब मरीं। इसमें अरविंद प्रसाद के तीन बच्चे व इनकी मां व सीताराम की पत्नी का शव मिला। जबकि अन्य लोगो की लापता होने की जानकारी मिल रही है। नाव पर सवार लोग चक्कीमुसाडोही से बाजार करने के लिए नाव से तेलिया कला बाजार के लिए निकले थे। इसी दौरान हृदयविदारक घटना घट गई। लापता लोगों की खोज में कुछ तैराक जुट गए हैं। वहीं बाढ़ के कहर से थर्राया देवरांचल इलाके के लोगों को दो दशक पूर्व 1998 में घाघरा द्वारा मचाई गई तबाही की यादें अब ताजा होने लगी हैं। नदी की उफनती लहरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाढ़ पीड़ितों को अब इस बात का भय सता रहा है कि कहीं घाघरा 1998 की पुनरावृत्ति न दोहरा दे। नदी के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि से लोगों का दिन का चैन व रात की नींद हराम हो गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों व पुरवों के लोगों की अब दुश्वारियां बढ़ने लगी है। अब लोग पलायन की तैयारी में जुट गए हैं। घाघरा नदी की मार से ग्राम पंचायत चक्कीमुसाडोही, धरमपुर विसुनपुर का बिंदटोलिया, ग्राम पंचायत भेड़कुल सुल्तानपुर के चौहानपुर के साथ दुबारी ग्राम पंचायत में आने वाले देवरांचल के विसुन का पुरा, नंदजी का पुरा, बिन्दर का पुरा, बैरिकंटा, सुन्नर का पुरा, पब्बर का पुरा, मनमन का पुरा, भगत का पुरा, धूस, खैरा देवारा, हरिलाल का पुरा चारो तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। लोगों को आने-जाने का साधन मात्र नाव ही है।जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शासन से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये आर्थिक सहायता मुहैया कराने की घोषणा की गयी है।


