नाम का ही नहीं ये तो दिल का भी निकला राजा
■ पिछले 40 दिनों से बेजुबानो को भोजन खिला रहा युवा समाजसेवी
(अशोक कुमार जायसवाल)
बिल्थरारोड /बलिया। कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी के चलते देश में लगे लाकडाऊन के बीच युवा समाजसेवी किशन जायसवाल उर्फ राजा पिछले 40 दिन से लगातार बेजुबानो के लिए भोजन का प्रबंध कर जहां लोगों की प्रशंसा का पात्र बना हुआ है वहीं उसका यह कार्य स्थानीय प्रशासन को आइना भी दिखाने का कार्य कर रहा है।
कोविड-19 के चलते पूरे देश में लाकडाऊन चल रहा है। बुधवार को लाक डाऊन का 50वां दिन रहा। ऐसी स्थिति में बेजुबान ही नहीं मजदूर व गरीब तबके के लोगों के बीच भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यद्यपि सरकार इस परिस्थिति से निपटने के लिए अपनी अनेक योजनाओं द्वारा लोगों के खाने पीने का प्रबंध करने में लगी है बावजूद अधिकांश लोगों तक यह सुविधा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। ऐसे में देशभर में अनेक सामाजिक व धार्मिक संगठन के लोग आगे आकर ऐसे लोगों की सहायता कर रहे हैं। इसी क्रम में स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते नगर की सड़कों, गलियों में अनेक बेजुबानो को भूखे विचरण करते देख किशन जायसवाल उर्फ ‘‘राजा’‘ ने अपने नाम के अनुरूप अपनी दरियादिली दिखाते हुए अपने साथियों संग एक योजना बनाकर पिछले 40 दिनों से बेजुबानों को निरन्तर भोजन खिलाने के अपने मुहिम पर लगा हुआ है। उसके इस कार्य की सर्वत्र सराहना जारी है।उसके इस पुनीत कार्य में अंकित चौरसिया, रंजीत मद्धेशिया, प्रकाश जायसवाल आदि युवक भी शामिल हैं।

