जब-जब जीते मनोज सिन्हा, केंद्र में बनी उनकी सरकार
(श्रीराम जायसवाल)
गाजीपुर। गाजीपुर में भाजपा की जीत व सरकार बनने की पंडित दीनदयाल उपाध्याय की बात कमोवेश सूबे में ही नहीं बल्कि केंद्र में भी सही साबित हुई। जिसका प्रमाण रहा जब जब गाजीपुर संसदीय सीट से भाजपा की जीत हुई तब तब केंद्र में सरकार बनी। खासकर तीनों बार मनोज सिन्हा चुनकर सांसद बने और केंद्र में सरकार बनी, कह सकते हैं जब जब जीते मनोज तब तब बनी केंद्र में बनी उनकी सरकार।
गौरतलब हो कि वर्ष 1996 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मनोज सिन्हा को 275706 मत प्राप्त हुए, जिन्होंने बहुजन समाज पार्टी की के यूनुस को लगभग एक लाख मतों से पराजित किया। उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेई ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली हालांकि यह सरकार कुछ दिन बाद ही गिर गई। उसके बाद वर्ष 1999 में मनोज सिन्हा भाजपा प्रत्याशी के रूप में 240592 मत प्राप्त करते हुए समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता ओमप्रकाश सिंह को कड़े मुकाबले में लगभग 11 हजार मतों से पराजित किए फलतः अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। उसके बाद भाजपा का प्रत्याशी गाजीपुर में ही नहीं बल्कि सभी जगह से हारते गए व भाजपा सत्ता से दूर होती गई। वर्ष 2014 चुनाव के दौरान मनोज सिन्हा तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी गाजीपुर से सांसद बने, जिन्हें 306929 मत प्राप्त हुआ। जिन्होंने समाजवादी पार्टी के शिवकन्या कुशवाहा को लगभग 30 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। बताने की जरूरत नहीं मनोज सिन्हा के तीसरी बार सांसद बनते ही केंद्र में भाजपा की सरकार ऐसे में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की बातें एकदम सटीक बैठे खासकर मनोज सिन्हा तो जब जब जीते तब तक केंद्र में उनकी पुनः सरकार बनी। अब आने वाले चुनाव में क्या होता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन दूरदर्शी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की बात अभी तक गाजीपुर में सही साबित होती गई है।
जब दीनदयाल उपाध्याय ने बोला था “गाजीपुर की जीत बनाएगी सरकार”…
गाजीपुर। जनपद जाति समाज धर्म आधारित राजनीति की सूरत चार दशक पूर्व ही भाप गए थे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जब उन्होंने 70 के दशक में गाजीपुर में अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान कहा था गाजीपुर में पार्टी की जीत होगी तो निश्चित रूप से प्रदेश व केंद्र में सरकारें भी बनेंगी। क्योंकि इतनी विकट स्थिति में जब हम यहां की सीट जीत जाएंगे उस दिन पूरे प्रदेश व देश में हमारा परचम होगा। उनकी बातें सटीक बैठती हैं क्योंकि जब जब यहां से बीजेपी को सफलता मिली है तब तब केंद्र व प्रदेश में उनकी ही सरकारें भी बनी हैं।
गौरतलब हो कि 70 के दशक में भाजपा की स्थापना से पूर्व जनसंघ के दौरान एडवोकेट कमलाकांत चौबे गाजीपुर सदर से विधानसभा के उम्मीदवार हुआ करते थे। उस समय गाजीपुर कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ माना जाता था, सरजू पांडेय के नेतृत्व में यहां लाल झंडे का ही परचम रहता था। उसी समय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जनपद के प्रवास पर थे। प्रवास के दौरान एक सुबह गाजीपुर में चीतनाथ घाट पर गंगा स्नान के दौरान उन्होंने सहज भाव से कार्यकर्ताओं से कहा कि जनपद की राजनैतिक सूरत इतनी विकट है कि जिस दिन यहाँ से भाजपा सीट जीतेगी उस दिन तक पूरे प्रदेश में इतना बड़ा समर्थन मिलेगा कि हम सरकार बनाने को कामयाब होंगे। कहीं न कहीं उनकी बात पहली बार कब साबित हुई सही साबित हुई। जब 1990 विधानसभा चुनाव में भाजपा गाजीपुर सदर व जमानिया 2 सीटों पर सफल रही, फलस्वरुप प्रदेश में कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी।

