सेहत : मऊ जनपद में टीबी के नये 89 मरीज मिले
मऊ। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चलाये जा रहे टीबी सक्रिय खोज अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम 21 जनवरी से 01 फरवरी तक चलाया गया, जिसमें पूरे जिले के अंतर्गत कुल 89 नए टीबी के मरीज खोजे गए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एस. पी. अग्रवाल ने बताया कि सक्रिय टीबी खोज अभियान का छठवां चरण 21 जनवरी से 01 फरवरी तक एक अभियान के रूप में चलाया गया। इसके तहत 2.39 लाख लोगों की स्क्रीनिंग हुई, जिसमे 1374 लोगों के बलगम की जाच की गई जिसमे कुल 89 नये टीबी के रोगियों की पहचान हुई। सभी का इलाज़ शुरु कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीबी की सभी जांच एवं इलाज मुफ्त उपलब्ध है। रजिस्टर्ड मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह पौष्टिक आहार के लिये दिया जाता है। टीबी की जांच के लिए जनपद में उच्चतकनीकी 2 सीबीनॉट मशीन उपलब्ध हैं, जो एक जिला टीबी केंद्र में तथा दूसरी सीएचसी घोसी में कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन हेतु 10 टीम लगायी गयी थी। प्रत्येक टीम में तीन-तीन प्रशिक्षित सदस्यों एवं एक-एक लैब टैक्नीशियन को शामिल किया गया था, जो लक्षणों साथ बलगम की जांच की। इसमें कुल 20 सुपरवाइजर एवं 10 मेडीकल ऑफिसर निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु लगाये गये थे।
वर्ष 2018 में पब्लिक सेक्टर से 2193 एवं प्राइवेट सेक्टर से 1142 टीबी के लिए नोटिफाई किए गये थे, जिनमें से 144 एमडीआर तथा एसडीआर के मरीज पाए गए थे।
टीबी के ये लक्षण हैं जो एक बार में पहचाने जा सकते हैं। दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खाँसी का आना, खाँसी के साथ बलगम का आना, बुखार आना (विशेष रूप से शाम को बढ़ने वाला), वजन का घटना, भूख कम लगना, सीने में दर्द, बलगम के साथ खून आना आदि इसके मुख्य लक्षण हैं।
टीबी के मरीजों को खांसते व छींकते समय नाक व मुंह कपडें से ढक कर रखें और इधर-उधर न थूकें, जिससे यह अन्य लोगों में न फैले। इसमें से किसी तरह के लक्षण दिखाई देने पर सीधे अपने निकटतम सेंटर पर पर पंहुच कर इलाज़ करा सकते हैं।

