ग्रामीणों ने लगाया ग्राम प्रधान पर सार्वजनिक रास्ते पर दिवाल खड़ा करने का आरोप
◆ नायाब तहसीलदार ने कहा अतिक्रमण हटवाया जायेगा, ग्रामप्रधान महिला है, महिला पुलिस को बुलाकर मार्ग होगा खाली
◆ यह दिवाल मैंने ही जोड़वाया है, इसको किसी किमत पर तोड़ने नहीं दूंगी : पुष्पा
रौनापार/आजमगढ़। जनपद के सगड़ी तहसील अन्तर्गत रौनापार थाने के ग्राम मानिक पुर में सार्वजनिक मार्ग पर दिवाल खड़ी करके लोगों के आने-जाने के रास्ते को बन्द करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा जब हो रहे इस अतिक्रमण की शिकायत एसडीएम सगड़ी से की गयी तो उन्होंने सीमांकन करने का निर्देश दिया है। रौनापार थानान्तर्गत ग्राम मानिक पुर के कर्मबीर गुप्ता पुत्र लक्ष्मी गुप्ता व ग्रामीणों ने गाँव की प्रधान पुष्पा गुप्ता द्वारा गाँव के सार्वजनिक मार्ग पर अवरुद्ध करने की शिकायत एसडीएम सगड़ी से की। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस मार्ग से सैकड़ों वर्ष से ग्रामीण आवागमन कर रहे थे उसी मार्ग पर ग्रामप्रधान पुष्पा गुप्ता ने खड़े होकर दिवाल जोड़ने का कार्य शुरु कराया जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने डायल 100 को दी।
मौक़े पर पहुँचे पुलिस कर्मियों ने काम को रोकवा दिया। पुलिस के जाते ही ग्राम प्रधान द्वारा उक्त रास्ते पर चार फ़ुट दिवाल खड़ी करवा दी गयी। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम सगड़ी पंकज श्रीवास्तव से की। एसडीएम सगड़ी ने शिकायत को गम्भीरता से लेते हुये सीमांकन कराकर रास्ते को ख़ाली कराने का निर्देश दिया है। जिस पर नायब तहसीलदार सगड़ी इन्द्रमणी तिवारी, कानुनगो श्याम विहारी वर्मा, लेखपाल मुंशी यादव, राकेश यादव, त्रिभुवन यादव, अनिल प्रजापति व एसआई आशुतोष मिश्रा, कां० रवि तिवारी आदि मानिक पुर पहुँच।नायब तहसीलदार ने सीमांकन कराकर मार्ग से दिवाल को तोड कर हटाने का निर्देश दिया।लेकिन दिवाल को ग्रामप्रधान पुष्पा गुप्ता ने तोड़ने से रोक दिया। जिसपर नायब तहसीलदार व पुलिस बल लाचार हो गया। नायब तहसीलदार इन्द्रमणी तिवारी ने बताया कि मार्ग से अतिक्रमण हटवाया जायेगा लेकिन ग्रामप्रधान महिला है यहाँ महिला पुलिस नहीं है। इसको दूसरे दिन महिला पुलिस को बुलाकर मार्ग से दिवाल को हटवाया जायेगा। ग्रामप्रधान पुष्पा गुप्ता ने बताया कि यह मार्ग मेरी निजी ज़मीन मे है। यह कोई सार्वजनिक मार्ग नहीं है। अब तक ख़ाली था तो लोग आते जाते थे। यह दिवाल मैंने ही जोड़वाया है। इसको किसी किमत पर तोड़ने नहीं दूंगी।

