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प्रधानमंत्री मोदी व स्मृति ईरानी देशवासियों को दें पढ़ाई का हिसाब : अतुल अंजान

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अब तक देशवासियों से अपनी शिक्षा की डिग्री के बारे में छुपाते रहे। अब उन्हें देश को हिसाब देना चाहिए। उक्त विचार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने व्यक्त करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी कभी कहते हैं कि वह गुजरात के विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट है और कभी बताते हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होंने बी ए और पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की है दिल्ली विश्वविद्यालय में सूचना के अधिकार के तहत हमारे प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई तो कोर्ट से मोदी जी ने इस कार्रवाई पर रोक लगवा दी जो डिग्री वह दिखाते हैं वह कंप्यूटराइज डिग्री है और उसे उन्होंने दावा किया है कि, इस डिग्री को उन्होंने 1984 में प्राप्त किया था। हकीकत तो यह है कि उस दौर में कंप्यूटर से डिग्रियां नहीं मिलती थी ठीक उसी प्रकार उनकी सरकार की मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री का खुलासा देश के सामने हो गया। यह सारे प्रमाण स्मृति ईरानी ने जब जब चुनाव लड़े तब तब हलफनामे में चुनाव आयोग के सामने अलग अलग विश्वविद्यालयों से संस्थानों से अपने ग्रेजुएट या बीकॉम पार्ट वन या ओपन यूनिवर्सिटी से परीक्षा पास किए जाने ग्रेजुएट होने का गलत हलफनामा पेश किया । एक अंडर ग्रेजुएट को जो झूठ बोलने में माहिर साबित हुआ , उसे इस देश का शिक्षा मंत्री बना डाला। 2 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षा मंत्री रहने असत्य बोलने वाले असफल शिक्षा मंत्री को जन विरोध के चलते हटाना पड़ा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अतुल कुमार अंजान ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह तत्काल स्मृति ईरानी के पिछले 3 चुनावों में दायर किए गए हलफनामे की समीक्षा कर झूठ बोलने और देश को गुमराह करने और चुनाव आयोग को अंधेरे में रखने के आरोप में उनका नामांकन निरस्त कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करें।

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