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सोनाडीह में पुलिस चौकी स्थापना की एक बार फिर से कवायद शुरू

■ चौकी स्थापना के लिए एसडीएम की अगुवाई में शुरू हुई भूमि की तलाश
■ इस मार्ग पर अपराधी हत्या व लूट के कई मामले को अंजाम देकर फरार होने में हुए हैं कामयाब
■ तत्कालीन डीजीपी रिजवान अहमद ने भी दिया था निर्देश

बिल्थरारोड/बलिया़। उभांव थाना क्षेत्र के सोनाडीह गांव में पुलिस चौकी की एक बार पुनः कवायद शुरू हो गयी है। हालांकि एसडीएम की अगुवाई में शनिवार को पुलिस व राजस्व अधिकारियों द्वारा पुनः शुरू की गयी भूमि की
तलाश अधूरी ही रही। ग्रामीणों द्वारा सोनाडीह में पुलिस चौकी की स्थापना की मांग के वर्षों से जारी है। अतीत में इस मार्ग से अपराधियों द्वारा अपराध कर सकुशल निकल भागने की कई वारदातों के बावजूद पुलिस चौकी स्थापना को लेकर हो रही देरी से लोग आश्चर्यचकित हैं। पूर्व
डीजीपी रिजवान अहमद मऊ-बलिया व देवरिया को जोड़ने वाले सोनाडीह गांव में शीघ्र पुलिस चौकी स्थापना के निर्देश के बावजूद अब तक इसके लिए भूमि उपलब्ध न होना अनेक सवाल खड़ा करता है।
क्षेत्र का सोनाडीह गांव मऊ-बलिया व देवरिया जिले की सरहद पर स्थित है। धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात यह
स्थान अपराधियों द्वारा अपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर सुरक्षित निकल भागने का सुगम रास्ता बन चुका है। बलिया-मऊ बार्डर पर स्थित इस गांव के आसपास के दियारे में अपराधिक गतिविधियों की सुगबुगाहट कई सालों से चली आ रही है। अपराधी अपराधिक कार्य को अंजाम देकर इस मार्ग से भागने में अपने आप को ज्यादा महफूज समझते हैं। बीते एक दशक में इस इलाके में कई संगीन अपराध को अंजाम देकर अपराधी इस मार्ग से भागने में सफल रहे हैं। जिसमें सोनाडीह गांव स्थित ग्रामीण बैंक के मैनेजर एके सिंह से छिनैती, तारिक हत्याकांड, चाय विक्रेता राजनाथ खरवार हत्याकांड, स्वर्ण व्यवसायी प्रेमचंद लूट एवं हत्याकांड इस मार्ग पर ही घटित चुकी हैं। भाजपा नेता मुरलीधर वर्मा व उनकी शिक्षक पत्नी सहित तीन लोंगों को गोली मारकर घायल करने की घटना के साथ ही प्रसिद्ध खैराकुटी के महन्त रामेश्वरदास की हत्या के पश्चात उनकी मारूती कार लेकर हत्यारा इसी मार्ग से
भागने में सफल रहा था। दो वर्ष पूर्व रंगदारी मांगने के मामले के शिकार व्यापारी भी इसी मार्ग से जुड़े हुए थे। विधायक धनन्जय कन्नौजिया ने जहां इसको लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव व डीजीपी से मुलाकात की थी वहीं
पूर्व में सपा के पूर्व विधायक गोरख पासवान, पूर्व जिलाध्यक्ष आद्याशंकर यादव व नपं अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्त ने बिल्थरारोड में तत्कालीन डीजीपी के स्वागत समारोह में सोनाडीह में पुलिस चौकी स्थापना की मांग की थी।
स्थानीय होने के चलते डीजीपी रिजवान अहमद इस मांग की गंभीरता को समझते हुए बकायदा निर्देश भी जारी किये। उनके निर्देश पर चौकी स्थापना को विभागीय अधिकारियों द्वारा भूमि निर्धारण का कार्य शुरू भी कर
दिया गया। परन्तु उनके सेवानिवृत होते ही यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। फिलहाल शनिवार को एसडीएम मोतीलाल यादव की अगुवाई में पुलिस व राजस्व अधिकारियों द्वारा चौकी की स्थापना के लिए पुनः भूमि की तलाश शुरू होने से ग्रामीणों में इसकी स्थापना को लेकर एक बार फिर आशा की किरण जग गयी है।

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