खास-मेहमान

शब्द मसीहा : अपच

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“ये आदमी भूख से कैसे मर सकता है ? इसकी जांच करवाओ .” नेता बोला .

“क्या साहब ! मुफ्त में डाक्टर को परेशान क्यों करना . उसे किसी और को मारने दो न .” चमचा बोला .

“अरे ! तो तथ्य कैसे पता चलेंगे ? डाक्टर को बुलाकर जांच कीजिये .” नेता बोला .

शव को जांच के लिए ले जाते हैं . कुछ देर बाद डाक्टर बाहर आया .

“क्या निकला ? ये क्यों मरा ? क्या था इस् के पेट में .” नेता बोला .

“साहब !इसके पेट में मारने वाली कोई चीज नहीं थी . अपच से मरा है.” डाक्टर बोला .

“विपक्षी तो यही कहेंगे न भूख से मरा है. उन्हें तो हमें बदनाम ही करना है .” नेता बोला .

“नहीं साहब ! इसके पेट में सिर्फ़ एक ही चीज निकली है !”

“जल्दी बताओ हमें बयान देना है . टी आर पी बढानी है . जनता से जुड़े होने का सबूत देना है .” नेता बोला .

“साहब ! पेट में वादों की भरमार थी और ये अपच से मर गया .”

शब्द मसीहा

One thought on “शब्द मसीहा : अपच

  • रणजीत राय

    बहुत खुबसूरत, कागजी सरकार कागजी वादे अपच तो होना ही है

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