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मां की ममता का कैसा-कैसा रूप, सगी मां ने बेटी को ठुकराया तो दूसरी ने अपने कलेजे से लगाया

◆ कैसी मां जिसे ममता न आयी रास

बिल्थरारोड/बलिया। क्षेत्र के मिश्रोली गांव स्थित एक पोखरी के पास रविवार की तड़के एक अज्ञात नवजात बच्ची के पाये जाने से सनसनी फैल गई। नवजात को उधर से गुजर रहे एक फेरी वाले ने उठाकर अपने गांव लेते गया तथा इसकी जानकारी प्रधान प्रतिनिधि को दी। बाद में बिल्थरारोड नगर की एक महिला ने उस बच्ची को पालने पोषने के लिए अपने साथ लेते गयी।
मां शब्द जेहन में आते ही एक ममता की मूरत की छवि आंखों के सामने तैरने लगती है। नारी का यह रूप ही उन्हें देव तुल्य बनाने में अहम भूमिका अदा करता है। परन्तु एकाध घटनायें लोगों को इससे इत्र सोचने को मजबूर कर देती है। ऐसी ही एक घटना मिश्रोली गांव में देखने को मिली जहां चाहे जो परिस्थिति हो ममता का गला घोंट दी गयी थी। परन्तु एक मां ने आगे बढ़कर समाज को अपनी ममत्व का उदाहरण प्रस्तुत कर दिया गया।
घटना के सम्बन्ध में बताया जाता है कि रविवार की सुबह पिपरौली गांव निवासी मो0कादिर जो परिवार के भरण – पोषण के लिए फेरी लगाने का काम करते हैं मिश्रौली गांव से गुजर रहे थे। अचानक वहां एक दूधमुही को लावारिस अवस्था में बेटा देख वह ठिठक गये। उन्होंने उस बच्ची को गोंद में उठा लिया तथा लोगों से उसके बारे में जानकारी करनी चाही परन्तु सभी ने इस मामले में अपनी अनभिज्ञता जताई। उन्होंने इंसानियत का फर्ज अदा करते हुए उसे अपने घर लेते गये तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल रहमान को इससे अवगत कराया। इस दौरान बच्ची की हालत नाजुक होने पर उसे इलाज के लिए सीएचसी सीयर ले जाया गया। जहां उसका इलाज हुआ। इस दौरान अज्ञात बच्ची के पाये जाने की खबर आग की तरह फैल गई। इस खबर को सुनकर पिछले 20 वर्ष से मातृत्व को तरस रही एक महिला वहां पहुंची तथा बच्ची को सीने से लगाते हुए उसका पालन – पोषण करने की जिम्मेदारी लेते हुए उसे अपने साथ घर लेती गयी।

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