बिजली कनेक्शन काटना विकल्प नहीं, डिस्कनेक्शन की बजाय अधिकारी बकायेदारों के दरवाजे पर नॉक करें:शर्मा
◆ यूपीपीसीएल अध्यक्ष को मॉनिटरिंग के निर्देश
◆ 15% तक लाइन लॉस लाएं और 24 घंटे बिजली पाएं
◆ वीआईपी बनेंगे गांव के उपभोक्ता
◆ ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ेगी, जर्जर तार भी बदलेंगेतीन महीने तक के बकायेदारों के घर डिस्कनेक्शन नहीं, डोर नॉक करें अफसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री पं. श्रीकांत शर्मा ने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक अकाउंट पर कहा है कि हमने बिजली के मीटर तेज चलने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। अध्यक्ष यूपीपीसीएल को निर्देश दिया है कि वे स्वयं मीटरों के तेज चलने की शिकायतों की मॉनिटरिंग करें। मीटर तेज चलने/जम्प करने से संबंधित शिकायतें उपभोक्ता 1912 पर दर्ज करायें। ऐसी शिकायतों पर तत्काल दूसरी कंपनी का चेक मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ता की संतुष्टि ही हमारी संतुष्टि है।
उन्होंने कहा कि गांवों के लिए भी ऊर्जा विभाग विशेष अभियान चला रहा है। पूरे प्रदेश में जहां भी लाइन लॉस 15% से कम होगा ऐसे फीडरों को निर्बाध बिजली दी जाएगी। इन क्षेत्रों के उपभोक्ता वीआईपी होंगे। यहां न केवल ट्रांसफार्मरों की क्षमता 40 फीसदी तक बढ़ाई जाएगी, साथ ही जर्जर तारों को भी अविलंब बदला जाएगा।
प्रदेश के विद्युत उपभोक्ता इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हों और अपने क्षेत्र को वीआईपी बनाएं। इसके लिए केवल समय पर बिल जमा करना होगा और चोरी रोकने के अभियान में सहयोग करना होगा। हमने सहूलियत के लिए किस्तों में भी बिल जमा करने का अवसर दिया है।
बिजली कनेक्शन काटना कोई विकल्प नहीं है, डिस्कनेक्शन की बजाय अधिकारी बकायेदारों के दरवाजे पर नॉक करें। उपभोक्ता भी सस्ती बिजली के लिए समय से बिल का भुगतान सुनिश्चित करें। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कर्मचारियों को तीन महीने तक के बकायेदारों के घर डिस्कनेक्शन करने की बजाए डोर नॉक कर बिल जमा करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 75 फीसदी और शहर में 30 फीसदी उपभोक्ताओं का बिल भुगतान न करना सस्ती व निर्बाध बिजली देने की राह में सबसे बड़ी बाधा है।

