अपना जिला

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने में आये दिक्कत तो लें हेल्प लाइन की मदद : CMO

● राज्य स्तर पर जारी किया गया हेल्प लाइन नंबर 7998799804
● किसी भी ब्यक्ति के फोन करने पर न बताएं ओटीपी
मऊ। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभार्थियों को आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए शासन स्तर से एक हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। लाभार्थी योजना का लाभ पाने में यदि कोई दिक्कत महसूस कर रहे हों या इस योजना से संबंधित कोई जानकारी लेना चाहते हों तो हेल्प लाइन नंबर 7998799804 पर कॉल कर सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश चंद्र सिंह ने बताया कि राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है। इस हेल्प लाइन से लाभार्थी कॉल करके योजना के आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्या का निराकरण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया इस नंबर पर कॉल करने पर और बताए गये निर्देश का पालन करने पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रतिनिधि स्वयं लाभार्थी को फोन कर उनकी समस्या का निस्तारण करेंगे।
जिला कार्यक्रम समन्वयक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि योजना से संबंधित कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं पूछता है और न ही संवेदनशील सूचनायें जैसे अकाउंट नंबर, सीवीवी पिन मांगता है। यदि कोई व्यक्ति लाभार्थी से इस तरह की जानकारी मांगता है। तो उसे यह जानकारी कतई न दें। इस तरह की जानकारी मांगने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का प्रतिनिधि नहीं हो सकता है।
विवेक कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को तीन किश्तों में 5000 रुपये दिए जाते हैं। पंजीकरण के लिए माता-पिता का आधार कार्ड, मां के बैंक अकाउंट (पासबुक की फोटो कापी) की डिटेल जरूरी है। मां का बैंक अकाउंट ज्वाइंट नहीं होना चाहिये। निजी अकाउंट ही मान्य होगा। यदि बच्चे का जन्म हो चुका है तो मां और बच्चे दोनों के टीकाकरण का प्रमाणिक पर्चा होना जरूरी है।
विवेक कुमार ने बताया कि योजना के तहत लाभार्थी महिला को तीन किश्तों में 5000 रुपये मिलते हैं। पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रूपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जाँच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में 2000 रूपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रूपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ही किये जाते हैं। लाभार्थी सीएचसी/पीएचसी पर सम्पर्क कर इस योजना से सम्बंधित फार्म भर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *